

Mahatma Gandhi Mural In Wardha: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि के रूप में पहचान रखने वाले वर्धा जिले में ही उनके म्यूरल की उपेक्षा का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने तथा तहसील एवं उपविभागीय अधिकारी कार्यालय के समीप स्थापित किए जाने के लिए लाए गए महात्मा गांधी के म्यूरल पर मिट्टी का ढेर डाल दिया गया है। प्रशासनिक कार्यालयों के सामने ही कई दिनों से यह स्थिति बने रहने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जाना आश्चर्य का विषय बना हुआ है।
जिलाधिकारी कार्यालय के समीप राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा के दर्शनीय भाग के बाईं ओर तहसील एवं उपविभागीय राजस्व कार्यालय की इमारत है। परिसर की कुछ जमीन को सेवाग्राम विकास प्रारुप के तहत सौंदर्याकरण के लिए लिया गया था। कुछ समय पहले यहां फूलदार पौधे भी लगाए - गए थे। अब इसी परिसर में महात्मा गांधी का म्यूरल स्थापित करने की योजना है। म्यूरल को परिसर में लाने के बाद उसकी स्थापना के लिए खुदाई की गई। खुदाई से निकली मिट्टी को हटाने के बजाय म्यूरल के ऊपर ही डाल दिया गया। परिणामस्वरूप म्यूरल का आधे से अधिक हिस्सा मिट्टी के ढेर के नीचे दब गया है। पिछले कई दिनों से यह स्थिति बनी हुई है।
जिले में इन दिनों बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के पानी से म्यूरल पर जमा मिट्टी अब कीचड़ में बदल रही है। राष्ट्रपिता की स्मृतियों के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन प्रशासनिक परिसर में ही उनके म्यूरल की यह दुर्दशा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
नागरिकों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी है। नागरिकों ने वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल संज्ञाना लेकर म्यूरल से मिट्टी हटाने तथा उसकी उचित व्यवस्था करने की मांग की है। राष्ट्रपिता से जुड़ी स्मृतियों और स्थलों के प्रति संवेदनशीलता बरतना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में यह मामला कई दिनों तक अधिकारियों के ध्यान में नहीं आना अपने आप में गंभीर सवाल खड़ा करता है।