

Wardha Education Incentives News: वर्धा बेटियों के जन्मदर में वृद्धि, उनकी शिक्षा को प्रोत्साहन, बाल मृत्यु दर में कमी, बाल विवाह पर रोक तथा कुपोषण घटाने और स्कूल से बाहर रहने वाली बालिकाओं की संख्या शून्य करने के उद्देश्य से "लेक लाडकी योजना" शुरू की गई है। इस योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर 18 वर्ष की आयु तक चरणबद्ध तरीके से कुल 1 लाख 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। जिले में योजना शुरू होने के बाद अब तक 2 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता वितरित की जा चुकी है।
पात्र परिवार में बेटी के जन्म पर तुरंत 5 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके बाद पहली कक्षा में प्रवेश पर 6 हजार रुपये, छठी कक्षा में 7 हजार रुपये, ग्यारहवीं में 8 हजार रुपये तथा 18 वर्ष पूर्ण होने पर 75 हजार रुपये दिए जाते हैं। इस प्रकार कुल 1 लाख 1 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ पीले और केसरिया राशन कार्डधारक परिवारों को दिया जाता है, जिनके यहां 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद एक या दो बेटियों का जन्म हुआ हो।
एक बेटा और एक बेटी होने पर भी बेटी को योजना का लाभ मिलेगा। पहले बच्चे की तीसरी किस्त और दूसरे बच्चे की दूसरी किस्त के लिए आवेदन करते समय माता-पिता को परिवार नियोजन प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है। दूसरी प्रसूति में जुड़वा बेटियां होने पर दोनों को लाभ दिया जाएगा, लेकिन उसके बाद परिवार नियोजन कराना आवश्यक होगा। योजना के लिए जन्म प्रमाणपत्र, परिवार प्रमुख का आय प्रमाणपत्र, लाभार्थी और माता-पिता के आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड (पीला/केसरिया), स्कूल प्रमाणपत्र तथा परिवार नियोजन प्रमाणपत्र आवश्यक हैं।
वर्धा जिले में अब तक 5,376 बालिकाओं को प्रथम चरण के तहत प्रति लाभार्थी 5 हजार रुपये के हिसाब से कुल 2 करोड़ 68 लाख 80 हजार रुपये वितरित किए गए हैं। इसमें आर्वी, आष्टी, देवळी, हिंगणघाट, कारंजा, समुद्रपुर, सेलू और वर्धा तहसीलों की बालिकाएं शामिल हैं। यह राशि सीधे आधार लिंक बैंक खातों में जमा की जाती है।