वर्धा के कारंजा में बैंक घोटाला,बैंक मेनेजर ने की दो महिलाओं से 1.27 लाख की धोखाधड़ी, मामला दर्ज

Bank Fraud in Wardha: वर्धा के कारंजा में बैंक घोटाले का मामला सामने आया है, जिसमें बैंक मैनेजर पर दो महिलाओं से 1.27 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-AI)
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Bank Manager Accused Of Cheating 2 Women Customers: कारंजा तहसील के भारत फायनान्स बैंक में सामने आये इस प्रकरण में ब्रांच के मैनेजर सहित 3 कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों ने दो महिला ग्राहकों के लगभग 1 लाख 27 हजार रुपये बैंक में न भरते हुए अपने निजी उपयोग के लिए खर्च कर लिए।

किस्त जमा के बावजूद नहीं मिली रसीद, बाद में दी गई एकमात्र रसीद

जानकारी के अनुसार कारंजा तहसील के नारा निवासी दिपाली प्रमोद खवशी (37) के नाम पर उनकी रिश्तेदार संगीता खवशी ने कर्ज उठाया था। इसकी नियमित किस्ते भी उन्होंने अदा कर दी थी, उस समय बैंक ने उन्हें कोई कारण बताते हुए रसिदें नहीं दी। जिसके पश्चात महिला ने संपूर्ण कर्ज की राशि अदा करने पर एकसाथ बुक क्रमांक 120183 की रसिद क्रमांक 1 प्राप्त कर ली। मई 2026 में संगीता खवशी को बैंक से फोन आया, तब उन्हें बताया गया कि उनके ऊपर बैंक का 82 हजार रुपये कर्ज बकाया है। यह सुनकर संगीता खवशी अपने पति के साथ बैंक में पहुंची, जहां उन्होंने सभी किस्ते नियमित अदा करने की बात कही। साथ बैंक से मिली रसिद भी उन्होंने दिखाई परंतु उन्हें पता चला कि वो रसिद फर्जी है।

फर्जी रसीद देकर 86 हजार रुपये गबन करने का आरोप

महिला ने कर्ज व ब्याज के कुल 86 हजार रुपये बैंक मेनेजर कुणाल धानके व कर्मचारी सागर मोहेकर को दिए थे। परंतु आरोपियों ने उक्त राशि बैंक में न भरते हुए अपने निजी स्वार्थ के लिए रख ली। इस बात को छिपाने के लिए महिला को फर्जी रसिद तक दे दी। इस बात का पता लगने के बाद कारंजा पुलिस ने कुणाल धानके व सागर मोहेकर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण में आगे की जांच कारंजा पुलिस कर रही है।

तीनों आरोपियों की आपसी मिलीभगत इसी बैंक में दूसरा मामला भी प्रकाश में आया। परसोडी निवासी सविता सुर्यभान सोनचित्ते (37) नामक महिला ने बैंक से 52,261 रुपये कर्ज उठाया था। इसकी नियमित किस्त भी महिला ने अदा की। कर्ज पूर्ण भरने पर भी बैंक मेनेजर कुणाल धानके बार-बार महिला को बैंक में बुलाता था। परंतु रसिद नहीं दे रहा था।

अप्रैल 2026 में भारत फायनान्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे थे। तब महिला अपनी समस्या लेकर वहां पहुंची तो उसे आपका नाम डिफॉल्टर में जाने की बात कही गई़ साथ ही 41 हजार 362 रुपये कर्ज बकाया होने की बात कही। महिला ने बताया कि उन्होंने बैंक मैनेजर कुणाल धानके, कर्मचारी सागर मोहेकर व योगेश धुर्वे के पास रुपये जमा किये थे। तीनों आरोपियों ने उक्त राशि बैंक में जमा नहीं की, यह स्पष्ट हुआ। इस प्रकरण में भी बैंक मेनेजर कुणाल धानके, कर्मी सागर मोहेकर व योगेश धुर्वे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

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