वर्धा जिला सामान्य अस्पताल में फिर लगी आग, दवाइयों का बड़ा नुकसान
वर्धा जिला अस्पताल के औषधि भंडार में रविवार सुबह भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट के कारण लगी इस आग में भारी मात्रा में दवाइयां जलकर नष्ट हो गई हैं। अस्पताल में आग लगने की यह दूसरी घटना है।
Wardha District Hospital News: वर्धा जिला सामान्य अस्पताल में रविवार, 12 अप्रैल की सुबह एक बार फिर आगजनी की घटना सामने आई। सुबह लगभग 9:30 से 10 बजे के बीच अस्पताल परिसर स्थित औषधि भंडार में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही नगर पालिका का दमकल वाहन मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक भंडार में रखी बड़ी मात्रा में दवाइयां जलकर नष्ट हो चुकी थीं। इस घटना में भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग बुझाने के दौरान दमकल विभाग के एक कर्मचारी को मामूली चोट आई, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, आग पहली मंजिल पर स्थित औषधि भंडार कक्ष में लगी। एक अधिकारी को वहां से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। नगर पालिका दमकल विभाग के सहायक अग्निशमन अधिकारी विशाल नाईक, अग्निशमन अधिकारी अशोक लोखंडे सहित पूरी टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
सम्बंधित ख़बरें
उड़ता महाराष्ट्र नहीं! 25 जून से शुरू होगा ‘नशामुक्त महाराष्ट्र अभियान’, सरकार का एक्शन प्लान तैयार
‘चंदा दो या मंत्री पद छोड़ो!’ पार्थ पवार के अल्टीमेटम से NCP में हड़कंप, महाराष्ट्र में सियासी बवाल
ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए सेना तैयार! आर्मी चीफ द्विवेदी की दोटूक, थिएटराइजेशन रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंपी
मराठा Vs ओबीसी: मनोज जरांगे के अनशन पर लक्ष्मण हाके का पलटवार, कहा- हक छीना तो करेंगे महाआंदोलन
घटना में औषधि कक्ष में रखे विभिन्न प्रकार के दवाइयों के जलकर खाक हो गए, वहीं कुछ विद्युत उपकरण भी क्षतिग्रस्त हुए। घटनास्थल का निरीक्षण जिला शल्य चिकित्सक डॉ. सुमंत वाघ और अन्य अधिकारियों ने किया।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। औषधि भंडार में लगे एसी में शॉर्ट सर्किट से चिंगारी निकलने के बाद आग भड़क गई। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच किए जाने की बात अधिकारियों ने कही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी अस्पताल की इमारत क्रमांक-2 में आग लग चुकी है, जिसमें रिकॉर्ड रूम को भारी नुकसान हुआ था। उस घटना के बाद फायर ऑडिट में लापरवाही सामने आई थी, लेकिन अब तक सुरक्षा व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया।
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल परिसर की कई इमारतों में अभी भी फायर सुरक्षा व्यवस्था अद्यतन नहीं है, जिससे भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। लगातार हो रही घटनाओं के चलते अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
