वर्धा में भीषण गर्मी के बीच रक्त संकट गहराया, अस्पतालों में सिर्फ 10 दिन का स्टॉक; मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

Wardha Blood Crisis: वर्धा में भीषण गर्मी के कारण रक्तदान में कमी आई है, जिससे अस्पतालों में केवल 350 यूनिट रक्त बचा है। 'ब्लड के बदले डोनर' की शर्त ने मरीजों के परिजनों की चिंता बढ़ा दी है।
Wardha faces a severe blood shortage with only 350 units left in stock due to intense heat. The 'blood for donor' policy is causing distress to patients' families.
वर्धा रक्त का भीषण संकट (सौ. सोशल मीडिया )
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Wardha Blood Bank Shortage: वर्धा जिले में इस समय दोहरी मार देखने को मिल रही है। एक ओर भीषण गर्मी से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है, तो दूसरी ओर अस्पतालों में रक्त की भारी कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि मरीजों के परिजन खून की व्यवस्था के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल सहित सेवाग्राम और सावंगी (मेघे) स्थित प्रमुख अस्पतालों की ब्लड बैंकों में वर्तमान में केवल 350 यूनिट रक्त ही उपलब्ध है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्टॉक अधिकतम 10 दिनों तक ही चल पाएगा। जिले में एक जिला अस्पताल, दो उपजिला अस्पताल और आठ ग्रामीण अस्पतालों के साथ इन बड़े चिकित्सा केंद्रों पर ही रक्त की आपूर्ति निर्भर है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज भर्ती होते हैं।

गर्मी अपने चरम पर होने के कारण रक्तदाताओं की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। वर्धा जिले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कई मरीज ऐसे हैं, जिन्हें नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है, लेकिन ब्लड बैंक में पर्याप्त स्टॉक न होने से उनकी जरूरत समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। उन्हें परेशानियों का सामना करना पड रहा है।

सामाजिक संगठनों ने आगे आने की आवश्यकता

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन ने जिले के सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे आगे आकर अधिक से अधिक रक्तदान करें और शिविरों का A आयोजन करें। समय पर रक्त उपलब्ध होना कई मरीजों के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है।

  • अस्पतालों में रक्त की भारी कमी
  • जिले में 11 अस्पतालों रक्त की आपूर्ति निर्भर
  • रक्तदाताओं की संख्या में लगातार गिरावट
  • शर्त ने बढ़ाई मरीजों के परिजनों की मुश्किलें

'ब्लड के बदले डोनर' की शर्त से बढ़ी मुश्किलें

वर्धा भीषण गर्मी और लू के चलते लोग रक्तदान के लिए आगे नहीं आ पा रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है। वहीं, अस्पताल प्रशासन द्वारा 'ब्लड के बदले डोनर' की शर्त रखे जाने से मरीजों के परिजनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। समय पर डोनर उपलब्ध न होने के कारण कई बार मरीजों के इलाज में देरी हो रही है। हालांकि, कुछ सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने हाल ही में रक्तदान शिविर आयोजित कर राहत देने का प्रयास किया है, लेकिन मौजूदा जरूरतों के मुकाबले यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है।

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