

Wardha Tobacco Control News: वर्धा जिले में तंबाकू नियंत्रण एवं नशामुक्ति अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले दस वर्षों में व्यापक स्तर पर कार्रवाई और जनजागरण अभियान चलाया गया। जिला शल्य चिकित्सक डॉ. सुमंत वाघ ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2016 से मार्च 2026 तक जिले में कुल 1 लाख 13 हजार 397 मरीजों की जांच कर उनका समुपदेशन (काउंसलिंग) किया गया, जबकि 1 हजार 774 मरीजों को सफलतापूर्वक नशामुक्त किया गया। तंबाकू नियंत्रण कानून के तहत पुलिस एवं खाद्य व औषध प्रशासन विभाग के सहयोग से जिले में लगातार संयुक्त कार्रवाई की गई।
अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के दौरान सुगंधित तंबाकू और गुटखा के खिलाफ अभियान चलाकर कुल 15 हजार 559 किलो अवैध माल जब्त किया गया। जब्त किए गए इस माल की अनुमानित कीमत 2 करोड़ 44 लाख 90 हजार 640 रुपये बताई गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध तंबाकू कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लगाने में सफलता मिली है।
वर्धा जिले में वर्ष 2016 से मार्च 2026 तक तंबाकू नियंत्रण कानून का उल्लंघन करने वाले 3,325 लोगों पर कार्रवाई की गई। इन मामलों में कुल 3 लाख 69 हजार 799 रु. का जुर्माना वसूल किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री और नियमों के उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई जारी है।
तंबाकूमुक्त विद्यालय अभियान के अंतर्गत जिले में विशेष जनजागरण कार्यक्रम भी चलाए गए। जिले की कुल 1 हजार 511 शालाओं में से 1 हजार 291 स्कूलों को तंबाकूमुक्त घोषित किया गया है। इसके अलावा वर्धा जिले की 223 संस्थाओं को भी तंबाकूमुक्त संस्था घोषित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों और युवाओं को तंबाकू के दुष्परिणामों से बचाने के लिए स्कूल स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
जिला शल्य चिकित्सक डॉ. सुमंत वाघ ने कहा कि तंबाकू सेवन से कैसर सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपचार के साथ-साथ समुपदेशन और जनजागरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से तंबाकू उत्पादों से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।