टैक्स निर्धारण: नापजोख करने आधुनिक तकनीक का उपयोग, 5300 मकानों का हुआ सर्वेक्षण
- Written By: नवभारत डेस्क
वर्धा. शहर में 12 वर्षों बाद नए से संपत्ति कर निर्धारण प्रणाली पर अमल किया जा रहा है़ नगर परिषद प्रशासन ने इसके लिए प्राइवेट एजेंसी नियुक्त की है़ दूसरे चरण में हुए नंबरिंग के कार्य में 27, 800 प्रापर्टीधारक शहर में निर्धारित हुए है़ इसके बाद तीसरे चरण में मकानों का सर्वेक्षण किया जा रहा है़ अब तक 5,300 मकानों का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हुआ.
उल्लेखनीय है कि मकानों का सही नापजोख होना चाहिए, इसके लिए बॉस मशीन के माध्यम से आधुनिक तकनीक का उपयोग हो रहा है़ शहर के अधिकांश संपत्तिधारक ऐसे है, जिनके नाम अभी तक नगर परिषद के रिकार्ड में दर्ज नहीं हो सके़ साथ ही नप अभिलेख में पंजीयन नहीं रहना, टैक्स नहीं आने से दिक्कत आना, टैक्स ज्यादा आने की शिकायत आदि विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे है़ तकनीकी दिक्कतों की वजह से योजनाओं से नागरिक वंचित है़ पिछले 2 वर्ष में प्रापर्टी से संबंधित शिकायतों का प्रमाण बढ़ गया था़ लेकिन नए से टैक्स निर्धारण प्रक्रिया के चलते समस्याएं दूर होने के आसार है़ इसके लिए नागरिकों को आवश्यक कागजात अपडेट रखने होंगे़ नए से टैक्स निर्धारण के बाद समस्याएं दूर होने की बात कही जा रही है.
4 प्रभागों में सर्वेक्षण का कामकाज पूरा
शहर में कुल 19 प्रभागों में 27,800 प्रापर्टीधारक है़ अब तक 1,2,6,7 इन प्रभागों में सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण हुआ़ जबकि प्रभाग 11 में सर्वे शुरू है़ अब तक 5,300 मकानों में सर्वे का कार्य पूर्ण हुआ है़ इस सर्वे में मकानों की मेजरमेंट सही हो, इसके लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है़ बॉस मशीन का उपयोग कर लेजर लाइट के जरिए एकदम सटीक मेजरमेंट मकानों का लिया जा रहा है, जिससे टैक्स भी नागरिकों को एकदम सही आएगा.
सम्बंधित ख़बरें
Wardha News: वर्धा में नए टैक्स निर्धारण पर बढ़ा असंतोष, 7 हजार संपत्तिधारकों ने जताई आपत्ति
Multiple Partners: एक से ज्यादा पार्टनर होने का शरीर और दिमाग पर क्या असर पड़ता है? सद्गुरु से जानिए
J&K के नाहिद अली का वर्ल्ड चैंपियनशिप में जलवा, 2 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज जीतकर बढ़ाया देश का मान
विदर्भ के 4 लाख किसानों को बड़ा झटका! फसल ऋण माफी योजना से हुए अपात्र; जानें क्या है सरकार की नई शर्त
1965 के अंतर्गत नागरिक कर सकेंगे आपत्ति दर्ज
सर्वे में सत्य जानकारी दर्ज हो इस दृष्टिकोण से नागरिकों को प्रापर्टी के सातबारा, सिटी सर्वे का प्रापर्टी कार्ड, निर्माण कार्य मंजूरी, इमारत पूर्ण होने का प्रमाणपत्र, संपत्ति किराए में देने पर संबंधित कागजात, घरपट्टी, पानीपट्टी, आधारकार्ड आदि कागजातों की कॉपी उपलब्ध करनी होगी़ इस बीच महाराष्ट्र नगर परिषद अधिनियम 1965 के अंतर्गत नोटिस के माध्यम से नागरिक अपनी आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे.
सर्वेक्षण कार्य में नागरिकों का सहयोग जरूरी
टैक्स निर्धारण की इस प्रक्रिया के बाद शहरवासियों की प्रापर्टी संबंधित अनेक समस्याएं दूर होने वाली है़ इससे सर्वे करने वाले संबंधित व्यक्ति को उनके कार्य में सहयोग कर नागरिकों को आवश्यक कागजातों के प्रिंट उपलब्ध करना जरूरी है़ इसके लिये नागरिकों का सहयोग जरूरी है.
-राजेश भगत, मुख्याधिकारी-नप.
