20 मार्च तक टाल दी हड़ताल, मांगों पर सरकार की सकारात्मकता

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प्रतीकात्मक तस्वीर
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वर्धा. सरकार के साथ हुई बैठक के बाद भी प्रश्नों का निराकरण नहीं होने के कारण कालेज के शिक्षकेतर कर्मचारियों ने 11 मार्च से पुन: बेमियादी हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी. परंतु कर्मचारियों के मांगों पर सरकार ने सकारात्मकता दिखाते हुए फाइल वित्त विभाग के पास भेजने के कारण कर्मियों ने 20 मार्च तक हड़ताल टाल दी है.

वरिष्ठ महाविद्यालयों के कर्मचारियों को आश्वासित प्रगति योजना का लाभ पुन: बहाल करने, राज्य कर्मचारियों के पैटर्न पर 10-20-30 वर्ष की सेवा के बाद आश्वासित योजना का लाभ व 1 जनवरी 2016 से आश्वासित योजना कायम रखने, सातवें वेतन आयोग की 58 माह की बकाया राशि तुरंत प्रदान करने, शिक्षकेतर कर्मचारियों के रिक्त पद भरना व अन्य न्यायिक मांगों को लेकर बीते माह कर्मचारियों ने आंदोलन किया था.

आंदोलन की दखल लेते हुए राज्य सरकार ने कर्मचारी संगठन के साथ उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उच्च शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने चर्चा कर प्रश्न हल करने का आश्वासन दिया था.

शिक्षकेतर कर्मियों का अल्टीमेटम

बैठक में हुई चर्चा का एजेंडा भी संगठनों को सौंपा गया. उक्त मांगों पर 11 मार्च के पूर्व शासन निर्णय नहीं निकाला गया तो आंदोलन करने की चेतावनी कालेज कर्मी व विवि के कर्मियों ने दी थी. शिक्षकेतर कर्मचारी संगठन ने बताया कि उनकी मांगों के संदर्भ में फाइल वित्त विभाग के पास भेजी गयी है. अधिवेशन शुरू होने के कारण फाइल मंजूर होने के लिये कुछ समय लग सकता है. फलस्वरुप हड़ताल 20 मार्च तक टाल दी गई है़  इस दौरान शासन आदेश नहीं निकला तो हड़ताल किए जाने की चेतावनी शिक्षकेतर कर्मियों ने दी है.

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