Wardha News: सुचना समाचार विज्ञापन से संबंधित है। रोजा विशेष इस दिन पांच वक्त की नमाज पढ़ना महत्वपूर्ण है। हजारों रातों से सबसे अफजल है शबेकद्र।
पुलगांव सं. मुस्लीम समुदाय का पवित्र माह रमजान पवित्र माना गया है। इस माह में अल्लाह की इबादत करना, रोजा रखना, नमाज पढ़ना और अपने से गरीब परिवार की मदद करने से अल्लाह बहुत सबाब का काम होता है।
रमजान माह का 26 वां रोजा शबेकद्र की बड़ी रात होती है। यह रात हजारों रातों से सबसे अफजल होती है। इस दिन पाचों वक्त नमाज पढ़ना बहुत सबाब का काम होता है।
जो नमाज भुलवश छुट गई, कजाक उमरी की नमाजे पढ़ने का हुक्म है। शबे कद्र इस बड़ी रात को पूरी रात जागकर इबादद करना चाहिए। रमजान में कुरहान की इबादत करना बहुत सबाब का कार्य है।
इसकी इबादत करने से मालिक सत्तर गुणा सबाब देता है। शबे कद्र का अपने परिवार के वजन अनुसार खैरात, जिसमें अनाज, कपड़ा, रुपया इत्यादी, जकरत मंदो की मदद करना बहुत सबाब व बरकतों वाली रात होती है।
हर मोमीन ने इस माह रोजा रखना, इबादत कर कुरान पढ़ना और गरीबों को खैरात देना बहुत ही सबाब होता है।
26 वां रोजा हर मोमीन का फर्ज है। माहे रमजान का 26 वां रोजा रखना हर मोमीन का फर्ज है। इस बड़ी रात में इबादते करने से बहुत सबाब मिलता है।
रमजान में शबे कद्र पर रोजा, नमाज व इबादत के साथ अपने से गरीबों की मदद करने से बरकत मिलती है।
Categories: religion