नेर की मिलमिली नदी में गंदगी का अंबार, दुर्गंध से परेशान नागरिक, नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
Municipal Council Negligence: नेर शहर की मिलमिली नदी कचरे, प्लास्टिक और सीवेज से बुरी तरह प्रदूषित हो चुकी है। नगर परिषद की कथित लापरवाही के कारण नदी और नालों में गंदगी का अंबार लग गया है।
- Written By: महाराष्ट्र डेस्क
Milmili River (सोर्सः सोशल मीडिया)
Milmili River Pollution: नेर शहर में स्वच्छता व्यवस्था की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। नगर परिषद के स्वास्थ्य विभाग द्वारा नदियों और नालों की सफाई में बरती जा रही लापरवाही के कारण नागरिकों में भारी असंतोष व्याप्त है। विशेष रूप से नेर और नवाबपुर की सीमा पर बहने वाली तथा शहर के दोनों हिस्सों को जोड़ने वाली मिलमिली नदी कचरे, प्लास्टिक थैलियों, सीवेज और अन्य गंदगी से अटी पड़ी है। इसके चलते पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है और नदी किनारे रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। मिलमिली नदी के दोनों किनारों पर बड़ी आबादी निवास करती है।
शहर के विभिन्न हिस्सों से बहकर आने वाला कचरा सीधे नदी में जमा हो रहा है। वहीं सीवेज का पानी भी बिना किसी व्यवस्था के नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का स्वरूप एक नाले में तब्दील हो गया है। नदी में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, घरेलू कचरा और अन्य ठोस अपशिष्ट जमा होने से आसपास के क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल रही है। नागरिकों का कहना है कि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। शहर के ईदगाह क्षेत्र में स्थित बड़े नाले की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
स्वास्थ्य संकट गहराया
नाले में प्लास्टिक, कचरा और सीवेज जमा होने से दुर्गंध की समस्या लगातार बढ़ रही है। यह क्षेत्र शहर की मुख्य सड़क पर स्थित होने के कारण प्रतिदिन हजारों लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद के स्वास्थ्य विभाग ने अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उनके अनुसार मिलमिली नदी का कई वर्षों से गहरीकरण नहीं किया गया है, जिससे नदी का तल गाद से भर गया है। साथ ही शहर का अपशिष्ट सीधे नदी में छोड़े जाने से स्थिति और अधिक खराब हो गई है।
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मानसून का मौसम नजदीक, सफाई धीमी
मानसून का मौसम नजदीक होने के बावजूद नालों की सफाई का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। कई स्थानों पर तो अब तक सफाई अभियान शुरू भी नहीं किया गया है। इससे बारिश के दौरान नालों के जाम होने, सड़कों और घरों में पानी भरने तथा महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। मिलमिली नदी की दयनीय स्थिति और शहर के नालों में बढ़ते प्रदूषण ने नगर परिषद के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों ने वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर नदी और नालों की व्यापक सफाई, नदी का गहरीकरण, सीवेज प्रबंधन की प्रभावी योजना तथा शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। बढ़ते प्रदूषण के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य का मुद्दा अब प्रमुख चिंता का विषय बन गया है।
