Wardha News: किसानों की दिक्कते कम होने का नाम ही नहीं ले रही है़ गत 34 वर्ष से साहूर व परिसर के कर्जदार किसानों के बैंक खाते एनपीए में डालकर खाते होल्ड किए गए है़ जिसके कारण किसान बैंकिंग व्यवहार नहीं कर पा रहे है़ बैंक प्रशासन द्वारा खाते पर लगाई अघोषित बंदी कब हटेगी, ऐसा सवाल किसानों द्वारा उपस्थित किया जा रहा है़
एक ओर सरकार की ओर से किसानों का 2 लाख रूपयों तक कर्ज माफ करने की घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विधानसभा में की है़ जितने भी किसानों ने बैंक से फसल कर्ज लिया़ ऐसे किसानों के खाते स्थानीय बैंक ऑफ इंडिया शाखा ने होल्ड करने से किसान दिक्कत में फंस गए है़ं किसानों के खाते में विविध योजनाओं की रकम जमा होती है़ किंतु, बैंक खाते होल्ड रहने से रकम निकालना संभव नहीं हो रहा है़
दूसरे खाते पर ट्रान्सफर भी कर नहीं सकते़ जिससे किसान आर्थिक संकट में फंस गए है़ ऐसे में बैंक खाते पर लगाई अघोषित बंदी कब उठाई जाएगी, ऐसा सवाल किसान उपस्थित कर रहे है़ं साहूर व परिवार में कुल 17 गांव है़ं इन 17 गांवों से मिलकर साहूर में केवल एक बैंक ऑफ इंडिया की शाखा है़ अन्य नागरिकों के साथ ही किसानों के बैंक खाते इसी बैंक में है़
बैंक में हजारो किसानों की ओर गत 201920 से खेती कर्ज बकाया है़ प्रत्येक वर्ष अकालजन्य परिस्थिति के कारण किसानों ने कर्ज नहीं चुकाया है़ बैंक से संबंधित कर्जदार किसानों को कई बार नोटीस दी गई़ लेकिन आर्थिक दिक्कत में फंसे किसानों की ओर पैसा ही नहीं है़ जिसकी वजह से वह कर्ज नहीं भर सके़
परिणामवश बैंक ऑफ इंडिया शाखा द्वारा किसानों के बैंक खाते एनपीए में डालकर खाते होल्ड कर दिए़ अपने बैंक खाते से आर्थिक व्यवहार नहीं कर पाने से किसान और दिक्कत में फंसते जा रहे है़ बता दें कि, राज्य सरकार द्वारा जादा बारिश से हुए नुकसान व संत्रा मोसंबी उत्पादक किसानों के बैंक खाते में अनुदान जमा करने का मैसेज भी आया है़ लेकिन किसान जब रकम निकालने कए तब वह नहीं निकाल पा रहे है़. दुसरे बैंक खाते में वह रकम ट्रान्सफर भी नहीं कर पा रहे है़
शाखा व्यवस्थापक बैंक ऑफ इंडिया साहूर मनोज नारनवरे ने कहा कि कर्जदार किसानों का कर्ज बकाया रहने से खाता होल्ड करने की सूचना मिली थी़ संपूर्ण प्रक्रिया मुख्य कार्यालय से हुई है़ यहां से हमने बैंक खाते होल्ड नहीं किए़ केवल कर्जदार किसानों के खाते होल्ड किए है़ किसानों के खाते शुरू करने के संदर्भ में वरिष्ठों से मेल कर अनुमति मांगी है़ कुछ दिनों में समस्या दूर होगी़.