28 को जिले के स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर, निजीकरण के विरोध में देशव्यापी हड़ताल में होंगे शामिल

CSTPS contract workers strike for bonus
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वर्धा. देश की 11 श्रमिक संगठना व 14 सरकारी कर्मचारी फेडरेशन की ओर से केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक संस्थाका निजीकरण करने के नीति के विरोध में दो दिन की हड़ताल की जा रही है़ 2005 के बाद सेवा में आये कर्मचारियों को पुरानी पेन्शन योजना लागू करें, संविधान की धारा 44 के श्रम कानून कायम रखा जाए़  कामगार विरोध के चार श्रम सहिता कानून रद्द करें.

योजना कामगारों को न्यूनतम वेतन लागू करें, स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को सेवा में कायम करें आदि मांगों के लिए 28 व 29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया है.

इस आंदोलन में भारतीय स्वास्थ्य कर्मचारी फेडरेशन ने अपना समर्थन देते हुए शामिल होने का आह्वान किया है़ इसके अनुसार वर्धा जिले के स्वास्थ्य कर्मचारी, औषध निर्माण अधिकारी, कृष्ठरोग तंत्रज्ञ, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, अंशकालीन स्त्री परिचर शामिल होंगे. 28 मार्च को संपूर्ण कामकाज बंद रखा जाएगा.  

29 को काला फीता लगाकर कामकाज

29 मार्च को काली रिबीन लगाकर जिले के स्वास्थ्य कर्मी काम करेंगे, ऐसा जिप के सीईओ व डीएचओ को दिये गए सूचना पत्र में कहा गया़  कोविड टीकाकरण का काम शुरु होने से एक ही दिन आंदोलन में शामिल होंगे़  ऐसी जानकारी स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन के राज्य कार्याध्यक्ष दिलीप उटाणे, जिला अध्यक्ष सिध्दार्थ तेलतुंबडे ने दी.

जिले के स्वास्थ्य कर्मचारी, वैद्यकीय अधिकारी ने निजीकरण का विरोध व पुरानी पेन्शन लागू करने के लिए हड़ताल में शामिल होने का आह्वान जिला सचिव दीपक कांबले, कार्याध्यक्ष वंदना उईके, उपाध्यक्ष सुजाता कांबले, विजय जांगडे, संजय डफरे, अविनाश चव्हाण, अमित कोपूलवार, तारा भोंगाडे, आशा धुर्वे, संजय डगवार, प्रमोद धुडे, शालु कौरती, राजेंद्र धरमठोक, बाबा कनेर, रतन बेडे, माला सिरपूरकर, रमेश रेवतकर, गजानन थुल, संजय तायडे, रंगराव राठोड, पुरुषोत्तम गुप्ता, महेंद्र मुसले, आशा पेंदोर, दिवाकर अडसर, प्रशिल माटे, नीलेश महाजन आदि ने किया है.

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