वर्धा के हिंदी विश्वविद्यालय में अकादमिक कदाचार! फर्जी नियुक्तियों पर शिक्षा मंत्रालय ने लिया संज्ञान

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में फर्जी नियुक्तियों पर शिक्षा मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। इस मामले में वर्धा के जिला अधिकारी कार्यालय से 21 दिसंबर 2022 को राष्ट्रपति से शिकायत की गई थी। राष्ट्रपति ने संज्ञान लेते हुए नियुक्तियों में हुई फर्जीवाड़े की शिकायत के संबंध में शिक्षा मंत्रालय को संज्ञान लेने को कहा था।
Academic misconduct in Hindi University, Education Ministry took cognizance of fake appointments
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय
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वर्धा. महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय आये दिन चर्चा में बना रहता है। इसी बीच शिक्षा मंत्रालय ने फर्जी नियुक्तियों पर संज्ञान लिया है। दरअसल, विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रजनीश कुमार शुक्ल ने अपने कार्यालय में लगातार सहायक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पदों पर नियुक्तियां किया।

शुक्ल पर विश्वविद्यालय के लोग और छात्र संगठनों ने गलत तरीके से नियुक्ति करने का आरोप लगाते रहे हैं। उसके बाद नियुक्तियों के मामले में वर्धा के जिला अधिकारी कार्यालय से 21 दिसंबर 2022 को राष्ट्रपति से शिकायत की गई थी। राष्ट्रपति ने संज्ञान लेते हुए नियुक्तियों में हुई फर्जीवाड़े की शिकायत के संबंध में शिक्षा मंत्रालय को संज्ञान लेने को कहा था।

राष्ट्रपति के आदेश के बाद शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को एक पत्र लिखकर जांच करने को कहा था। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षा मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र को अनदेखा कर शिक्षा मंत्रालय का मजाक बना रहा है। जबकि मंत्रालय बार-बार विश्वविद्यालय से जांच कर नियुक्तियों में हुई फर्जीवाड़े पर कार्यवाही करने को कह रहा है।

Mahatma Gandhi International Hindi University, Wardha
फर्जी नियुक्तियों पर शिक्षा मंत्रालय

विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति प्रोफेसर के.के. सिंह और कुलसचिव आनंद पाटील भी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं और जबसे प्रोफेसर के. के. सिंह कुलपति बने हैं तब से इस मामले को छोड़कर विश्वविद्यालय में आंतरिक ट्रांसफर करने में ही व्यस्त हैं। जबकि विश्वविद्यालय के छात्र संगठन भी विश्वविद्यालय में हुई फर्जी तरीके से नियुक्तियों के संबंध में आवाज उठाते रहे हैं। अब देखना है कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र पर विश्वविद्यालय प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।

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