वर्धा जिले में 10वीं का परीक्षा परिणाम 96.24%, प्रावीण्य श्रेणी में 5071 विद्यार्थी

महाराष्ट्र शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 16 हजार 162 विद्यार्थियों ने पंजीयन किया था, जबकि 16 हजार 13 विद्यार्थियों ने ही परीभा में हिस्सा लिया।
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वर्धा: माध्यमिक शालांत प्रमाणपत्र परीक्षा के परिणाम शुक्रवार को घोषित किये गए़ पिछले वर्ष नागपुर संभाग में अवल स्थान प्राप्त करनेवाला वर्धा जिला इस बार चौथे स्थान पर खिसक गया है़ जिले से नियमित 16 हजार 13 में से 15 हजार 412 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए है़  इसमें 94.81 प्रतिशत छात्र व 97.83 प्रश छात्राएं पास हुई़ जिले में 601 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे़ जबकि 5 हजार 71 विद्यार्थियों ने प्रावीण्य श्रेणी हासिल की है।

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 16 हजार 162 विद्यार्थियों ने पंजीयन किया था,  जबकि 16 हजार 13 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। जिसमें से 8 हजार 423 छात्र तथा 7 हजार 590 छात्राओं का समावेश है़ 5071 छात्रों ने प्रावीण्य श्रेणी प्राप्त की़ वहीं 6132 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी, 3570 द्वितीय श्रेणी व 639 विद्यार्थी पास होने की जानकारी है़ इस बार 601 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे है़।

देवयानी जिले में प्रथम, घननील दूसरे स्थान पर

आष्टी के हुतात्मा राष्ट्रीय विद्यालय की छात्रा देवयानी देवीदास ईखार ने 99.20 प्रश अंक प्राप्त कर जिले में अवल स्थान रही़ं जबकि आर्वी के कृषक इंग्लिश विद्यालय का छात्र घननील कुस्माकर शिरपुरकर ने 98.40 द्वितीय क्रमांक प्राप्त किया.

बेटियों का दबदबा कायम

इस बार 8423 नियमित छात्र व 7590 छात्राओं ने परीक्षा दी़ इसमें से छात्रों का उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 94.81 तथा छात्राओं का उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 97.83 है़ इस बार भी जिले में बेटों की तुलना में बेटियों ने बाजी मारी है़ सुबह से ही दसवीं के परिणामों की प्रतीक्षा विद्यार्थियों व उनके पालकों को थी़ लगभग सभी के पास मोबाइल व इंटरनेट उपलब्ध होने के कारण आसानी से रिजल्ट देखे जा रहे थे.

518 ने दी पुन: परीक्षा

जिले में 518 विद्यार्थियों ने पुन: परीक्षा दी़  इसमें से 436 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए़  इनका परिणाम 85.49 फीसदी रहा़  1 प्रावीण्य श्रेणी, 18 प्रथम व 23 द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए़ परीक्षार्थियों में 396 छात्र व 114 छात्राओं का समावेश था़  इसमें 330 छात्र व 106 छात्राएं उत्तीर्ण हुईं हैं.

डाक्टर बनना चाहती देवयानी

देवयानी देवीदास ईखार ने मेहनत से दसवीं परीक्षा में 99.20 प्रश अंक प्राप्त किए़  उसके पिता अल्पभूधारक किसान है़ं  देवयानी का भाई नयन भी बारहवीं में मेरिट में आया है. पिता की डेढ़ एकड़ खेती रहने के कारण काफी आर्थिक समस्याएं थी़ं  ऐसे में मामा की मदद से पढ़ाई कर रहे हैं. देवयानी ने कहा कि, उसे डाक्टर बनना है़  ग्रामीण विभाग में स्वास्थ्य संबंधित सेवाएं अल्प है़ं ऐसे में डाक्टर बनकर ग्रामीणों की सेवा करूंगी, ऐसा उसने कहा़  छात्रा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं गुरूजनों को दिया.

IAS बनना चाहता है घननील

98.40 प्रश अंक प्राप्त कर जिले से द्वितीय क्रमांक प्राप्त करने वाले कृषक इंग्लिश स्कूल के घननील कुस्माकर शिरपुरकर ने कहा कि, आगे बीटेक कर प्रशासकीय सेवा में जाने की इच्छा है़ इसके लिए उसने कड़ी मेहनत करने की ठान ली है़ घननील को गायन एवं शतरंज खेलना पसंद है़ उसके पिता महाराष्ट्र स्टेट को ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी कारपोरेशन लि. मुंबई स्थित विभागीय कार्यालय में अधिकारी के रूप में कार्यरत है़ जबकि मां गृहिणी है़ं घननील ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता एवं गुरूजनों को दिया।

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