

Wardha Municipal Council Tax Assessment Process: वर्धा नगर परिषद द्वारा वर्ष 2023 में आरंभ की गई संपत्ति टैक्स (प्रॉपर्टी टैक्स) निर्धारण प्रक्रिया प्रशासकराज होने के कारण स्थगित कर दी गई थी। किंतु, अब इस प्रक्रिया को दोबारा वहीं से शुरू कर दिया गया है। उस दौरान कुल 7,042 संपत्तिधारकों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। फिलहाल सुनवाई के तीन दिन पूरे हो चुके हैं, जिसमें अब तक 2,000 संपत्तिधारक सुनवाई के लिए उपस्थित रहे, जबकि 2,200 संपत्तिधारक अनुपस्थित पाए गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में वर्धा नगर परिषद प्रशासन ने टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया लागू की थी। इसके बाद नगर परिषद में प्रशासकीय शासन (प्रशासकराज) के दौरान वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक की अवधि के लिए नई टैक्स निर्धारण प्रक्रिया शुरू की गई। उस समय शहर में घर-घर जाकर एक विशेष सर्वेक्षण (सर्वे) किया गया था। सर्वे के बाद संपत्तिधारकों से आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं, जिसके तहत कुल 7,042 संपत्तिधारकों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
हालांकि, बाद में स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया गया कि प्रशासकीय शासन के दौरान चलाई जा रही टैक्स निर्धारण प्रक्रिया नागरिकों के हित में नहीं है। भारी विरोध के चलते इस प्रक्रिया पर स्थगन (स्टे) लगा दिया गया था। अब वर्धा नगर परिषद में जनप्रतिनिधियों द्वारा पुनः पदभार संभालने के बाद टैक्स निर्धारण प्रक्रिया पर लगा यह स्थगन हटा लिया गया है। इसके बाद नगर परिषद प्रशासन ने टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया को पूरा करने के कार्य में तेजी ला दी है। दर्ज की गई 7,042 आपत्तियों पर 23 जून 2026 से 30 जून 2026 तक (सरकारी कामकाज के दिनों में) सुनवाई की जा रही है। प्रतिदिन लगभग 1,400 संपत्तिधारकों को बुलाकर उनकी बात सुनी जा रही है। शुक्रवार से रविवार तक शासकीय अवकाश होने के कारण अब शेष आपत्तियों पर 29 जून (सोमवार) तथा 30 जून (मंगलवार) को सुनवाई होगी। पहले 3 दिनों में जहाँ 2,000 संपत्तिधारक अपनी समस्याएं लेकर उपस्थित रहे, वहीं 2,200 लोग नदारद रहे।
वर्धा नगर परिषद के कार्यक्षेत्र में कुल 39 वार्ड आते हैं। टैक्स निर्धारण प्रक्रिया को सुचारु रूप से लागू करने के लिए पूरे क्षेत्र को चार मुख्य जोनों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की संपत्तियों के लिए भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग टैक्स दरें भी निर्धारित की गई हैं। इन्हीं निर्धारित दरों के आधार पर आपत्तियों की सुनवाई करते हुए टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
विशेष बात यह है कि जिस संपत्तिधारक ने टैक्स निर्धारण के विरुद्ध आपत्ति दर्ज कराई है, यदि वह स्वयं अथवा उसका कोई अधिकृत प्रतिनिधि इस सुनवाई में उपस्थित नहीं होता है, तो नगर परिषद द्वारा यह मान लिया जाएगा कि उसे नया संपत्ति टैक्स निर्धारण पूरी तरह स्वीकार है। ऐसी स्थिति में नगर परिषद प्रशासन एकतरफा फैसला लेते हुए आगे की आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूरी करेगा।