

Congress MP Prashant Padole Touches Nitin Gadkari Feet: राजनीति के मैदान में भले ही पक्ष और विपक्ष के बीच तलवारें खिंची रहती हों, लेकिन देश के लोकतंत्र के मंदिर संसद की दहलीज पर कभी-कभी ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं, जो यह याद दिलाती हैं कि वैचारिक मतभेदों से ऊपर भी एक रिश्ता होता है वह है 'सम्मान' का।
हाल ही में संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों पर एक ऐसा ही दिलचस्प वाकया देखने को मिला, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देख लोग हैरान भी हैं और चर्चा भी कर रहे हैं कि आखिर यह बड़े बुजुर्गों के प्रति 'इज्जत' है या फिर सत्ता का खौफ?
संसद के सत्र के दौरान जब गहमागहमी का माहौल था, तभी मकर द्वार की सीढ़ियों पर महाराष्ट्र की भंडारा-गोंदिया सीट से कांग्रेस के लोकसभा सांसद प्रशांत पडोले अपने साथी सांसदों के साथ खड़े थे। इसी दौरान केंद्रीय कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी सदन के अंदर जाने के लिए मकर द्वार की सीढ़ियां चढ़ रहे थे। जैसे ही गडकरी सीढ़ियों के करीब पहुंचे, कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले ने तनिक भी देरी नहीं की और फौरन आगे बढ़कर गडकरी के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद लिया।
नितिन गडकरी ने भी मुस्कुराते हुए युवा सांसद का अभिवादन स्वीकार किया। यह पल कैमरे में कैद हो गया और अब इंटरनेट पर इसे 'दिन की सबसे चर्चित तस्वीर' माना जा रहा है।
प्रशांत पडोले राजनीति के गलियारों में एक उभरता हुआ चेहरा हैं। वह पहली बार कांग्रेस के टिकट पर भंडारा-गोंदिया से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं। उन्होंने इस चुनाव में 36,380 वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की है। राजनीति में आने से पहले पडोले का पेशा सेवा का था वे एक डॉक्टर रहे हैं। इसके अलावा, उनकी राजनीतिक जड़ें भी काफी मजबूत हैं; वे महाराष्ट्र कांग्रेस के बड़े नेता नाना पटोले के करीबी रिश्तेदार बताए जाते हैं।
इस वायरल वीडियो ने इंटरनेट यूजर्स को दो गुटों में बांट दिया है। एक वर्ग का कहना है कि यह भारतीय संस्कृति की खूबसूरती है, जहां एक युवा सांसद, चाहे वह विपक्षी दल का ही क्यों न हो, अपने से वरिष्ठ और अनुभवी नेता का सम्मान कर रहा है। नितिन गडकरी की छवि विपक्षी दलों में भी एक 'काम करने वाले मंत्री' और 'विकास पुरुष' के रूप में रही है, इसलिए इस व्यवहार को प्योर रिस्पेक्ट से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं, सोशल मीडिया पर कुछ लोग कटाक्ष करते हुए इसे डर या भविष्य की राजनीतिक सेटिंग का नाम दे रहे हैं। हालांकि, जिस गर्मजोशी से यह मुलाकात हुई, वह स्पष्ट रूप से शिष्टाचार और संस्कारों की ओर इशारा करती है।
संसद के मकर द्वार की ये सीढ़ियां न जाने कितनी ऐतिहासिक घटनाओं की गवाह रही हैं, लेकिन प्रशांत पडोले और नितिन गडकरी के बीच का यह पल लोकतंत्र की उस गरिमा को दर्शाता है, जो अक्सर शोर-शराबे में कहीं खो जाती है। एक डॉक्टर से सांसद बने पडोले ने यह दिखा दिया कि संसद की सीढ़ियां चढ़ते समय भले ही आपके कंधे पर अपनी पार्टी का झंडा हो, लेकिन मन में वरिष्ठों के लिए सम्मान होना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है।