उद्धव के पैरों तले खिसकी जमीन, विलास शिंदे ने दिया झटका, थामा शिवसेना का हाथ

उद्धव ठाकरे गुट के नेता विलास शिंदे ने आज शिवसेना में शामिल होकर एकनाथ शिंदे का हाथ थाम लिया। विलास शिंदे के साथ रविवार 29 (जून को) आठ अन्य नेता भी शिवसेना में जोरो-शोरो से शामिल हुए।
उद्धव ठाकरे गुट के नेता विलास शिंदे ने आज शिवसेना में शामिल होकर एकनाथ शिंदे का हाथ थाम लिया। विलास शिंदे के साथ रविवार 29 (जून को) आठ अन्य नेता भी शिवसेना में जोरो-शोरो से शामिल हुए।
शिवसेना में शामिल हुए विलास शिंदे (सौजन्य-एक्स)
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नासिक: पिछले कुछ समय से शिवसेना (ठाकरे गुट) से नाराज़ चल रहे पूर्व महानगर प्रमुख विलास शिंदे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिंदे सेना में शामिल हो गए। रविवार 29 जून सुबह ही वह ठाणे के लिए रवाना हो गए। विलास शिंदे के पार्टी छोड़ने से पहले ही ठाकरे गुट ने शुक्रवार 27 जून को उन्हें महानगर प्रमुख के पद से हटाकर बड़ा झटका दिया था।

शहर के एक-एक बड़े नेता के पार्टी छोड़कर जाने से शिवसेना (ठाकरे गुट) की हालत खस्ता होती जा रही है। तीन दिन पहले विलास शिंदे ने अपने समर्थकों के साथ बैठक की थी। उसके बाद उन्होंने फिर से पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी जताई और कहा कि 15 दिनों के बाद भी पार्टी ने उनकी सुध नहीं ली। यही वजह है कि शिंदे आठ पूर्व नगरसेवकों के साथ रविवार को शिंदे सेना में शामिल हुए।

विलास शिंदे का बयान :

विलास शिंदे ने कहा था कि उन्हें पार्टी में लगातार दरकिनार किया गया है। उन्होंने कहा, अगर मुझे पद के लिए शिंदे की शिवसेना में जाना होता, तो मैं तीन साल पहले ही चला गया होता। डी.जी. सूर्यवंशी को जिला प्रमुख बनाया गया। उनके वार्ड से पार्टी के तीन नगरसेवक चुने गए थे, जिनमें से दो ने पार्टी छोड़ दी। जबकि मेरे वार्ड से पूरे शहर से सेना के चारों नगरसेवक चुने गए थे। पार्टी ने यह देखे बिना उन्हें जिला प्रमुख नियुक्त कर दिया। अगर मुझे पद के लिए कुछ करना होता, तो हम शिंदे सेना के खिलाफ आंदोलन नहीं करते। लेकिन इसके बावजूद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मेरी बेटी की शादी में आए, इससे बढ़कर एक कार्यकर्ता को और क्या चाहिए?

मेरे साथ अन्याय हुआ - शिंदे

पार्टी में शामिल होने से पहले विलास शिंदे ने कहा कि आज तक मेरे साथ अन्याय हुआ है। हम वफादार हैं, लेकिन कब तक वफादार रहें? हम शिवसेना में ही जा रहे हैं, बालासाहेब ठाकरे के विचारों वाली शिवसेना में। हमने एकनाथ शिंदे की आलोचना की थी। हमें वैसा ही चित्र दिखाया गया था, इसलिए हमने वैसा ही बोला था। लेकिन करीब जाने पर पता चलता है कि वह व्यक्ति अलग है। वह दिन-रात काम करते हैं, ऐसा नेता दुनिया में नहीं है। मेरे जैसे सामान्य शिवसैनिक के घर की शादी में शिंदे साहेब आए थे, मुझे इसकी खुशी है। ठाकरे बंधुओं के सपोर्ट में बिन बुलाए मेहमान, प्रकाश अंबेडकर ने MVA पर दागे सवाल

चांदी की तलवार और अन्य दलबदल

इस बीच, आज पार्टी में शामिल होने के दौरान विलास शिंदे ने एकनाथ शिंदे को चांदी की तलवार भी भेंट की। इससे पहले सुधाकर बडगुजर, पूर्व मंत्री बबन घोलप, पूर्व महापौर नयना घोलप और पूर्व महापौर अशोक मुर्तडक ने भाजपा में प्रवेश किया है। अब विलास शिंदे भी पार्टी छोड़ रहे हैं, जिससे शिवसेना (ठाकरे गुट) को एक और बड़ा झटका लगा।

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