Ulhasnagar मनपा की टैक्स वसूली फेल: 114 करोड़ लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 76 करोड़ वसूली

Ulhasnagar Municipal Corporation में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली लक्ष्य से काफी पीछे रह गई है। 114 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले केवल 76.6 करोड़ वसूले गए, जबकि 800 करोड़ से अधिक बकाया अब भी लंबित है।
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उल्हासनगर मनपा (pic credit; social media)
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Ulhasnagar Municipal Corporation Property Tax Recovery: उल्हासनगर मनपा संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 114.10 करोड़ रुपए वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया था। हालांकि वास्तविकता में प्रशासन केवल 76।6 करोड़ रुपए ही वसूल कर पाया है।

इसी कारण लक्ष्य में भारी अंतर रह गया है। वैसे मनपा के संबंधित महकमे ने खुद तथा मनपा के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लक्ष्य पाने की कोशिश भी की गई।

लोग बकाया भर सकें, इसलिए मनपा महापौर अश्विनी कमलेश निकम तथा विधायक कुमार आयलानी की मांग पर मनपा प्रशासन ने 5 दिन के विशेष अभय योजना (अर्थात बकाया पर लगाए गए ब्याज माफ) भी शुरू की, लेकिन घर मालिकों ने इसका भी लाभ नहीं लिया। कर वसूली में फिर गिरावट आई, 31 मार्च तक 54 प्रतिशत ही वसूली हुई। मनपा की आय के मुख्य स्रोतों में गृहकर महकमा आता है।

Ulhasnagar Municipal की कार्य कुशलता पर अब उठने लगे सवाल

उद्योगनगरी के रूप में मशहूर इस शहर में यह तस्वीर उभर कर सामने आई है कि मनपा अपने ही करों की वसूली के लिए जद्दोजहद कर रही है। वर्तमान कर का केवल 54 प्रतिशत ही एकत्र किया गया है और 800 करोड़ रुपए के बकाया का मात्र 3.67 प्रतिशत ही वसूला जा सका है। जिससे प्रशासन की कार्यकुशलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। इस वर्ष चालू वर्ष के लिए 86 करोड़ रुपए का कर वसूला गया। इसमें से केवल 46 करोड़ 82 लाख रुपए ही वसूल किए जा सके हैं, जो कि मात्र 54.44 प्रतिशत है। शेष वसूली कर के बकाया के माध्यम से की गई है। शहर में लगभग 1 लाख 30 हजार संपत्ति मालिकों पर कर बकाया है और कुल बकाया 811 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

टैक्स जागरूकता के लिए संगठन नियुक्त

बकायेदार नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए अभय योजना लागू की गई थी और जन जागरूकता के लिए एक निजी संगठन को नियुक्त किया गया था। हालांकि इन सभी उपायों से अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हुए।

इस बीच मनपा ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 139।10 करोड़ रुपए का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन पिछली असफलताओं के अनुभव को देखते हुए यह स्पष्ट है कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रशासन को सख्त कार्यान्वयन, बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई और प्रभावी योजना की आवश्यकता है।

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