अपनी लंबित मांगों को लेकर मनपा मुख्यालय पर दिव्यांगों ने दिया धरना, उल्हासनगर मनपा के खिलाफ किया प्रदर्शन

Ulhasnagar Disabled Protest: उल्हासनगर मनपा मुख्यालय के बाहर दिव्यांगजनों ने मानदेय, रोजगार और स्टॉल की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
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Ulhasnagar Municipal Corporation: शुक्रवार को उल्हासनगर मनपा मुख्यालय के सामने दिव्यांगजनों के विरोध प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। विभिन्न लंबित मांगों को लेकर एकत्र हुए दिव्यांगजनों को मनपा भवन में प्रवेश करने से रोके जाने पर आंदोलनकारियों का आक्रोश बढ़ गया। नाराज प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

यह विरोध प्रदर्शन प्रहार जनशक्ति पार्टी के ठाणे जिला अध्यक्ष एडवोकेट स्वप्निल पाटिल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी मनपा आयुक्त से मुलाकात कर दिव्यांगजनों की लंबित मांगों के समाधान की मांग करना चाहते थे। हालांकि सुरक्षा कारणों से उन्हें प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया गया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रहार जनशक्ति के बैनर तले दिव्यांग हुए आक्रामक

इस दौरान मनपा के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर बताया कि आयुक्त मनीषा अव्हाले मुंबई में एक सम्मेलन में भाग लेने गई हैं और फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना जारी रखा।

उल्हासनगर मनपा मुख्यालय के बाहर दिव्यांगजनों ने मानदेय, रोजगार और स्टॉल की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

मानदेय, रोजगार और स्टॉल की मांग

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिव्यांगजनों के लिए छड़ियों की खरीद में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। उनका दावा है कि मनपा प्रशासन ने पहले ही खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी स्वीकार की थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने दिव्यांगजनों को 4500 रुपये मासिक मानदेय, संविदा के आधार पर रोजगार और छोटे व्यवसाय के लिए स्टॉल उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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