भारत में अवैध रूप से रह रहे 3 बांग्लादेशियों को मिली सजा, ठाणे की कोर्ट ने ठहराया दोषी
Illegal Bangladeshis: ठाणे अदालत ने तीन बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से रहने का दोषी करार दिया। उन्हें जेल में पहले से बिताए 9 महीने की सजा के बराबर दंड देकर रिहा करने का आदेश दिया गया।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Thane Court Convicts Bangladeshi Nationals: महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत ने भारत में अवैध रूप से रहने के मामले में तीन बांग्लादेशी नागरिकों को दोषी ठहराया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए.एस. भागवत ने 30 अक्टूबर को इस मामले पर फैसला सुनाया, जिसका विस्तृत आदेश सोमवार को उपलब्ध हुआ।
न्यायाधीश भागवत ने मोहम्मद बाबुल शमशुद्दीन मुल्ला (43), मोहम्मद तुहिन मोहम्मद मिजानुल मुल्ला (24) और राणा अब्दुल मलिक शेख (24) को पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियम और विदेशी आदेश के तहत दोषी पाया है।
गिरफ्तारी और मूल स्थान
दोषी पाए गए ये तीनों व्यक्ति बांग्लादेश के नोदाइन जिले के निवासी हैं। इन्हें इस साल 26 जनवरी को ठाणे के पडले क्षेत्र में स्थित उत्तरशिव नाका से शिल डायघर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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अदालत में इन तीनों पर 30 अक्टूबर को आरोप तय किए गए थे। आरोप तय होने के बाद, तीनों ने अदालत के सामने दोष स्वीकार कर लिया और उन्होंने सजा में नरमी बरतने का अनुरोध किया।
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9 महीन काट चुके है जेल
अदालत ने अपने आदेश में आरोपियों की अपील पर विचार किया और पाया कि आरोपी पहले ही पिछले नौ महीने से जेल में हैं। न्यायाधीश ने कहा कि चूंकि आरोपी काफी समय जेल में बिता चुके हैं, इसलिए सजा में नरमी बरतना उचित है।
न्यायाधीश ने उन्हें उनके खिलाफ दर्ज अपराधों की अधिकतम सजा (जो पांच साल है) न सुनाते हुए, उन्हें जेल में बिताए गए समय के बराबर सजा सुनाई। यह अवधि नौ महीने और चार दिन की है, जो उन्होंने गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक हिरासत में बिताई थी।
