Thane में 605 करोड़ की सड़कों पर सवाल, दो साल में फिर खोदी गई सड़कें

Municipal Road Digging Issue Thane: ठाणे में 605 करोड़ रुपये से बनी सड़कों को दो साल में ही फिर से खोदने पर विवाद बढ़ गया है। मनसे ने मनपा प्रशासन पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Thane Road Project Controversy: ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में मजबूत सड़कों के निर्माण के लिए राज्य सरकार की तरफ से 605 करोड़ रुपये निधि दी गयी थी। लेकिन पिछले दो साल में ही उन सड़कों को फिर से खोद दी गई है।

इससे ठाणे महानगरपालिका के कामकाज पर गंभीर सवाल उठे हैं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के जनहित व विधि विभाग के ठाणे अध्यक्ष स्वप्निल महिंद्रकर ने मनपा प्रशासन पर सरकारी निधि के गलत उपयोग का आरोप लगाया है।

Thane शहर में पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी

बताया गया कि राज्य सरकार की तरफ से दी गयी निधि के परिपत्र में यह साफ शर्त शामिल थी कि इस योजना के तहत बनने वाली सड़कों को खोदा नहीं जाएगा और संबंधित सड़कों पर कोई काम नहीं किया जाएगा। लेकिन सच्चाई यह है कि Thane शहर में कई सड़कों को जलापूर्ति विभाग ने नई पाइपलाइन बिछाने के लिए खोद दिया है।

सड़क पर चलना हुआ कठिन

पाइपलाइन बिछाने के प्रोजेक्ट का प्लान और बजट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने 2022 में ही तैयार कर लिया था। इसलिए, संबंधित अधिकारियों को आगे के काम का कोई अंदाजा नहीं था। मनसे पदाधिकारी महिंद्रकर ने आरोप लगाया है कि सड़क बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए।

नई बनी सड़कों को कम समय में ही फिर से बना दिया गया और लोगों को गड्डों वाली सड़कों का सामना करना पड़ रहा है। इससे न केवल पैसे का नुकसान हुआ है, बल्कि लोगों के रोजाना आने-जाने पर भी बड़ा असर पड़ा है। बढ़ते ट्रैफिक जाम, धूल और हादसों के खतरे से लोगों में गुस्से का माहौल है।

ठाणे महानगरपालिका के अधिकारियों ने सरकार के साथ धोखा किया है। संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। साथ ही, आयुक्त को सभी सड़कों का निरीक्षण करके पूरी जांच करनी चाहिए।

- स्वप्निल महिंद्रकर, ठाणे शहर अध्यक्ष, जनहित व विधि विभाग, मनसे

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