

District Bank Election Shiv Sena Sahakar Panel Big Win: ठाणे-पालघर जिला सहकारी बैंक के संचालक चुनाव में शिवसेना समर्थित सहकार पैनल ने बीजेपी समर्थित परिवर्तन पैनल को करारा झटका देते हुए बड़ी विजय हासिल की है। उल्लेखनीय है कि 12 हजार करोड़ रुपए की डिपॉजिट वाली राज्य की दूसरी सबसे बड़ी सहकारी बैंक पर कब्जे के लिए राजनीतिक दलों में घमासान मचा हुआ था।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण एवं पूर्व सांसद कपिल पाटिल के खुल कर मैदान में उतरने के बाद शिवसेना के प्रमुख नेता डीसीएम एकनाथ शिंदे के निर्देश पर सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे ने भी बहुजन विकास आघाड़ी और अन्य दलों के साथ मिलकर रणनीति बनाई।
21 संचालक सदस्यों वाली इस सहकारी बैंक के 10 सदस्य पहले ही निर्विरोध चुने गए थे। 11 सदस्यों के लिए शनिवार को वोटिंग हुई थी। रविवार को हुई मतगणना के बाद सहकार पैनल के 8 सदस्य चुने गए। इस तरह 21 में से 16 सदस्य सहकार पैनल के और मात्र 5 सदस्य परिवर्तन पैनल के चुने गए। शिवसेना के साथ बहुजन विकास आघाड़ी के हितेंद्र ठाकुर,क्षितिज ठाकुर, विधायक किसन कथोरे और एनसीपी के सांसद बाल्या मामा भी आ गए।
सहकार पैनल की जोरदार जीत के बाद सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि महिलाओं, युवाओं एवं किसानों के कल्याण के लिए जिला सहकारी बैंक कार्य करती रही है। इसे आगे 24 हजार करोड़ की बैंक बनाने का काम सभी संचालक मिल कर करेंगे। डॉ श्रीकांत शिंदे ने सभी विजयी संचालकों के अभिनंदन किया।
उन्होंने निलेश सांबरे का भी अभिनंदन किया जो निर्दलीय के रूप में संचालक चुने गए। इस अवसर पर बावीआ के नेता क्षितिज ठाकुर भी उपस्थित थे। ठाकुर ने कहा कि कुछ लोगों ने इस चुनाव का जानबूझकर राजनीतिकरण किया,जबकि आज तक बैंक के संचालन चुनाव में इस तरह के आरोप प्रत्यारोप नहीं देखे गए। वोटर्स में कन्फ्यूजन पैदा हुआ।
BJP के स्टेट प्रेसिडेंट रवींद्र चव्हाण और मंत्री कपिल पाटिल ने "परिवर्तन पैनल" के ज़रिए चुनाव कैंपेन शुरू कर दिया उसके बाद डीसीएम एकनाथ शिंदे ने 'सहकार पैनल' के पक्ष में अपनी ताकत दिखाई और सहकार पैनल को जीत मिली है। सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे की रणनीति से 'सहकार पैनल' को सफलता मिलने की बात कही जा रही है।
परिणाम के बाद डॉ शिंदे ने साफ किया कि शिवसेना, बहुजन विकास अघाड़ी चीफ हितेंद्र ठाकुर और MLA किसन कथोरे और सांसद बाल्या मामा इस तरह ऑल-पार्टी लीडरशिप वाले 'सहकार पैनल' की विजय हुई है। इससे बीजेपी को झटका लगा है।