Maharashtra News: हिंदी भाषी वोट बैंक पर राजनीति, टिकट पर उत्तर भारतीयों की नाराजगी

Maharashtra Local Body Election: ठाणे मनपा चुनाव से पहले भाजपा के उत्तर भारतीय कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण में संख्या के अनुपात में हिस्सेदारी की मांग की है, अनदेखी को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।
Thane New Water Tanker Filling Center News
ठाणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Thane News In Hindi: मुंबई महानगर क्षेत्र में हिंदीभाषियों विशेष कर उत्तर प्रदेश एवं बिहार के मतदाताओं का विशेष प्रभाव है। मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली सहित अन्य महानगर पालिकाओं में उत्तर भारतीय मतदाता करीब 30 प्रतिशत हैं।

सभी राजनीति दलों को यह बात अच्छी तरह समझ में आ गई है कि बिना उत्तर भारतीयों के मुंबई में राजनीति करना संभव नहीं है। राजनीतिक दल उत्तर भारतीय मतदाताओं के बल पर सत्ता सुख प्राप्त करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उन्हे अगले चुनाव तक के लिए उन्हें भुला देते हैं। वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने ठाणे मनपा चुनाव में हिस्सेदारी की मांग की है।

संख्या के अनुपात में मिलनी चाहिए हिस्सेदारी

चुनावों में अनदेखी व दूसरी पार्टियों से आने वाले नेताओं को अधिक तरजीह देने को लेकर हिंदी भाषी कार्यकर्ताओं में नाराजगी व्याप्त है। ठाणे मनपा चुनाव में भाजपा के टिकट पर रामनयन यादव, शेरबहादुर सिंह, दीनानाथ दुबे, आशा सिंह, राजकुमार यादव जैसे कार्यकर्ता निर्वाचित होते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में भाजपा का ग्राफ बढ़ने एवं उत्तर भारतीयों के कांग्रेस व दूसरी पार्टियों से दूर होने की वजह से भाजपा हिंदी भाषियों को महज वोट बैंक से अधिक महता नहीं दे रही है।

ठाणे मनपा का चुनावी बिगुल बजने के बाद भाजपा में वर्षों से कई पदों पर काम करने वाले पूर्व नगरसेवक राजकुमार यादव, रजनीश त्रिपाठी, संजय सिंह, अमित सिंह, दीनानाथ पाडे, लक्ष्मीकांत यादव, श्रीकांत दुबे, शशिकांत दुबे, शैलेश शर्मा, नीरज सिंह, अमित राय, संतोष जयसवाल, मनोज प्रजापति सहित अन्य ने टिकट की मांग पार्टी नेतृत्व से की है। उत्तर भारतीय पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का कहना है कि मनपा चुनाव में हमारी संख्या के अनुपात में हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

Navbharat Live
navbharatlive.com