Thane के मलंगगढ़ किला पर फ्यूनिकुलर ट्रेन शुरू, 2 घंटे का सफर अब 10 मिनट में

Thane के मलंगगढ़ किला पर फ्यूनिकुलर ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। अब 2600 सीढ़ियां चढ़ने के बजाय महज 10 मिनट में पहाड़ी तक पहुंचा जा सकेगा।
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मलंगगड फनिक्युलर ट्रेन ठाणे (सौ. सोशल मीडिया )
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Thane Malanggad Funicular Train: ठाणे के प्रसिद्ध मलंगगढ़ किला पर अब यात्रियों को एक नया और अनोखा अनुभव मिलने जा रहा है। यहां फ्यूनिकुलर ट्रेन सेवा शुरू की गई है, जिससे पहाड़ी यात्रा बेहद आसान और रोमांचक बन गई है।

पहले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मलंगगढ़ तक पहुंचने के लिए करीब 2600 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं, जिसमें लगभग 2 घंटे लग जाते थे। लेकिन अब इस नई फ्यूनिकुलर ट्रेन की मदद से यह सफर महज 10 मिनट में पूरा किया जा सकता है। यह ट्रेन करीब 1.2 किलोमीटर की दूरी तय करती है।

कैसे काम करती है फ्यूनिकुलर ट्रेन

फ्यूनिकुलर ट्रेन एक विशेष प्रकार की केबल आधारित ट्रेन होती है, जो रोपवे की तरह काम करती है। इसमें दो ट्रेनें एक साथ संचालित होती है। जब एक ऊपर जाती है, तो दूसरी नीचे आती है। इस तकनीक से ऊर्जा की बचत होती है और यात्रियों को सफर के दौरान झटका या ढलान का ज्यादा अहसास नहीं होता।

Thane में यात्रियों के लिए आरामदायक और सुरक्षित सफर

इस ट्रेन की क्षमता हर ट्रिप में लगभग 120 यात्रियों की है, जबकि प्रति घंटे करीब 1200 यात्रियों को सफर कराने की सुविधा है। ट्रेन के अंदर बैठकर यात्रियों को स्विस ट्रेन जैसा अनुभव मिलता है, जहां चारों ओर हरियाली और पहाड़ों का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।

मिलेगा फिल्मी अनुभव

फ्यूनिकुलर ट्रेन का सफर न केवल सुविधाजनक है, बल्कि बेहद आकर्षक भी है। जब ट्रेन हरियाली से भरे पहाड़ों के बीच से गुजरती है, तो यात्रियों को किसी फिल्मी सीन जैसा अनुभव होता है। यह परियोजना ठाणे के पर्यटन को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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