

Paryushan Festival In Bhayandar: पर्युषण पर्व के पावन अवसर पर भाईंदर पश्चिम में जैन समाज की ओर से भव्य धार्मिक ज्ञान मेले का आयोजन किया गया। गुरु माता विस्मिताश्री माताजी के मार्गदर्शन में आयोजित इस मेले में धर्म, अध्यात्म, संस्कार और विज्ञान को आकर्षक झांकियों एवं प्रदर्शनों के जरिए प्रस्तुत किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को जैन धर्म के सिद्धांतों और जीवन मूल्यों से जोड़ना है।
ठाणे शहर में धार्मिक ज्ञान मेले में जीवन की उत्पत्ति से लेकर मोक्ष प्राप्ति तक की यात्रा को विभिन्न दृश्यों, प्रतीकों और आकर्षक झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। मेले में जैन दर्शन के प्रमुख सिद्धांतों को सरल और रोचक तरीके से समझाने का प्रयास किया गया। अहिंसा, संयम, आत्मशुद्धि, संस्कार और मोक्ष जैसे विषयों को आधुनिक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ा गया।
विभिन्न प्रस्तुतियों के जरिए यह बताया गया कि जीवन में अच्छे संस्कार, आत्मसंयम और अहिंसा का क्या महत्व है। धार्मिक विषयों को पारंपरिक तरीके से प्रस्तुत करने के बजाय उन्हें आधुनिक तकनीक और दृश्य माध्यमों के जरिए समझाया गया, ताकि बच्चे, युवा और आम लोग जैन दर्शन के मूल सिद्धांतों को आसानी से समझ सकें।
नितिन शाह के अनुसार, यह धार्मिक ज्ञान मेला इससे पहले पांच बार आयोजित हो चुका है, लेकिन इस वर्ष इसका स्वरूप अब तक का सबसे भव्य है। विशेष बात यह रही कि अधिकांश झांकियां बच्चों और युवाओं ने मिलकर तैयार कीं, जिससे उन्हें धार्मिक ज्ञान के साथ रचनात्मकता, टीमवर्क और जिम्मेदारी का अनुभव भी मिला।
मेले की भव्य सजावट, रोशनी, झांकियां और ज्ञानवर्धक प्रदर्शन लोगों के आकर्षण का केंद्र है।आयोजकों का कहना है कि आधुनिक दौर में युवाओं की जिज्ञासा और समझ के अनुरूप धर्म को प्रस्तुत करने से वे अपनी संस्कृति और जीवन मूल्यों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। पर्युषण पर्व के दौरान आयोजित यह मेला धार्मिक आस्था के साथ युवा प्रतिभा और आधुनिक प्रस्तुति का संगम बनकर सामने आया है।