‘Four Bin Thane Clean’ की शुरूआत; मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश का पालन होगा
Four Bin Thane Clean: ठाणे मनपा ने 'फोर बीन ठाणे क्लीन' अभियान शुरू किया। नए सॉलिड वेस्ट नियमों के तहत चार डिब्बों में कचरा पृथक्करण, BWG पंजीकरण और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश लागू होंगे।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आलोक उमाकृष्ण
'फोर बीन ठाणे क्लीन' की शुरूआत (फोटो नवभारत)
Four Bin Thane Clean Solid Waste Management Rules: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा घोषित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 को असरदार तरीके से लागू करने के लिए, ठाणे नगर निगम की ओर से सॉलिड वेस्ट डिपार्टमेंट ने कैपेसिटी बिल्डिंग पर बैठक आयोजित की गई । इस मीटिंग में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बारे में एक प्रेजेंटेशन के ज़रिए पूरी जानकारी दी गई। साथ ही, सोमवार को मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने ‘फोर बीन ठाणे क्लीन’ पहल शुरू की।
स्टैंडिंग कमेटी हॉल में हुई इस प्रेजेंटेशन मीटिंग में डिप्टी मेयर कृष्णा पाटिल, हाउस लीडर हनमंत जगदाले, वरिष्ठ नगरसेवक राम रेपाले, शिवसेना ग्रुप लीडर पवन कदम, BJP ग्रुप लीडर मुकेश मोकाशी, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार ग्रुप) अभिजीत पवार, एडिशनल कमिश्नर 2 प्रशांत रोडे, डिप्टी कमिश्नर मधुकर बोडके, हेल्थ ऑफिसर डॉ. रानी शिंदे मौजूद थे।
चार डिब्बों में कचरा होगा जमा
‘फोर बीन ठाणे क्लीन’ के तहत कचरे को चार अलग-अलग धाराओं में इकट्ठा करने का निर्देश दिया है, यानी गीला कचरा (हरा बिन), सूखा कचरा (नीला बिन), सैनिटरी कचरा (लाल बिन) और खास कचरा जैसे बैटरी, बल्ब, ट्यूब वगैरह (काला बिन)। इससे कचरे की असरदार प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रेजेंटेशन के दौरान हेल्थ ऑफिसर डॉ. रानी शिंदे ने नए नियमों के नियमों, कचरे के सोर्स-लेवल क्लासिफिकेशन, बड़े कचरा पैदा करने वालों की ज़िम्मेदारियों वगैरह के बारे में जानकारी दी।
सम्बंधित ख़बरें
Chembur Tree Collapse: चेंबूर डायमंड गार्डन के पास स्कूल वैन पर पलटा पेड़; बच्चों को रेस्क्यू करने का काम जारी
ओवरलोड रेत डंपर छोड़े जाने पर गड़चिरोली में सवाल, राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठी उंगली
नासिक में मानसून की देरी से सब्जियों के दाम आसमान पर: कई हरी सब्जियां 100 रुपये के पार, रसोई का बजट बिगड़ा
क्या नारियल से खोजा जा सकता है जमीन के नीचे का पानी, जानिए अंधविश्वास और विज्ञान का पूरा सच
नए नियमों के मुताबिक, ये नियम लोकल बॉडी, सरकारी और प्राइवेट संस्थानों, रिहायशी और कमर्शियल जगहों, इंडस्ट्रियल एरिया, स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और पोर्ट पर लागू होंगे। वेस्ट मैनेजमेंट के ज़रूरी पहलुओं में सोर्स पर कचरे को अलग करना, डोर-टू-डोर कलेक्शन, कचरे का ट्रीटमेंट, खुले में डंपिंग और कचरा जलाने पर रोक, यूज़र चार्ज, जुर्माने के नियम, शिकायत सुलझाने का सिस्टम और सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा शामिल हैं।
यह भी पढ़ेः- छत्रपति संभाजीनगर: स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को मिली मंजूरी, प्रशासनिक नियुक्तियों और CCTV संचालन पर अहम निर्णय
करना होगा रजिस्ट्रेशन
साथ ही, 20 हज़ार sq.m कंस्ट्रक्शन एरिया वाले संस्थानों के लिए इसे ज़रूरी कर दिया गया है। या उससे अधिक, प्रतिदिन 40 हजार लीटर से अधिक पानी की खपत या प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले को बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) के रूप में पंजीकरण कराना होगा।
ऐसे संस्थानों को स्रोत पर कचरे को अलग करना, स्थानीय रूप से गीले कचरे को संसाधित करना और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की वेबसाइट पर पंजीकरण करना आवश्यक होगा। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय की सिविल अपील संख्या 6174/2023 में दिए गए निर्देशों के बारे में जानकारी दी गई।
