ठाणे कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को किया बरी, मेडिकल रिपोर्ट और उम्र के सबूतों की कमी ने पलटा मामला

Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे की एक विशेष अदालत ने पॉक्सो (POCSO) मामले के आरोपी को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष पीड़िता की उम्र और आरोपों को साबित करने में विफल रहा।
Thane Court Verdict In POCSO Case
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Thane Court Verdict In POCSO Case: महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोपी 37 वर्षीय व्यक्ति को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में पूरी तरह विफल रहा कि घटना के समय पीड़िता कानूनन 'नाबालिग' थी। इसके साथ ही पीड़िता के बयानों में पाए गए गंभीर विरोधाभासों को भी आरोपी के बरी होने का मुख्य आधार माना गया।

क्या था पूरा मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला जुलाई 2014 का है। आरोपी केतन चंद्रकांत कदम उर्फ नन्हे पर आरोप था कि उसने एक अन्य किशोर की मदद से 12 वर्षीय लड़की को अपने घर बुलाया और उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।

कोर्ट की अहम टिप्पणियां

विशेष न्यायाधीश डी.एस. देशमुख ने 12 फरवरी को दिए अपने फैसले में अभियोजन के साक्ष्यों पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि पीड़िता की उम्र को लेकर कोई भी ठोस मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं किए गए।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दस्तावेजों के अभाव में यह मानना कठिन है कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। अतः अभियोजन यह सिद्ध करने में असफल रहा कि पीड़िता पॉक्सो अधिनियम की धारा 2(डी) के दायरे में आती है।

मेडिकल रिपोर्ट और गवाही आरोपी के खिलाफ नहीं थी

अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि मेडिकल ऑफिसर की गवाही और पीड़िता की मेडिकल जांच रिपोर्ट आरोपी के खिलाफ नहीं थी। चिकित्सा अधिकारी को पीड़िता के शरीर पर कोई बाहरी या आंतरिक चोट नहीं मिली थी, जो बार-बार यौन उत्पीड़न के दावों की पुष्टि नहीं करती।

इसके अलावा, न्यायाधीश ने पीड़िता के शुरुआती बयान और अदालत में दी गई गवाही के बीच बड़े 'अंतर' को भी चिन्हित किया। कोर्ट ने आशंका जताई कि पीड़िता को सिखाया-पढ़ाया गया हो सकता है। इन तमाम संदेहों का लाभ देते हुए अदालत ने आरोपी केतन कदम को बरी कर दिया।

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