Thane में दशहरे की धूम: 600 पंडालों में दुर्गा विसर्जन और 11 जगह रावण दहन

पूरे देश में धूमधाम से 9 दिनों तक मां दुर्गा के पूजन के बाद विजयादशमी पर शारदीय नवरात्रि का समापन हुआ है। Thane में पूरी भक्ति और जोश के भाव के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।
पूरे देश में धूमधाम से 9 दिनों तक मां दुर्गा के पूजन के बाद विजयादशमी पर शारदीय नवरात्रि का समापन हुआ है। Thane में पूरी भक्ति और जोश के भाव के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।
दुर्गा विसर्जन (सौ. सोशल मीडिया )
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Thane News In Hindi: ठाणे शहर एवं आस-पास के इलाकों में विभिन्न सार्वजनिक दुर्गापूजा मंडलों एवं घरों में स्थापित मां दुर्गा सहित अन्य प्रतिमाओं का विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्रि का समापन हो गया।

ठाणे शहर पुलिस आयुक्तालय अंतर्गत ठाणे शहर सहित कल्याण, भिवंडी, उल्हासनगर में विजय दशमी के दिन ग्यारह स्थानों पर अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया। साथ ही बहुत ही धूम धाम से दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। जिसको लेकर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गए थे।

कहीं से भी किसी तरह के अप्रिय घटना का खबर नहीं है। दशहरे के अवसर पर गुरुवार शाम को मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा शुरू हुई जो देर रात तक जारी रही। मां दुर्गा के भक्त बैंडबाजों के साथ माता के जयकारे लगाते हुए नाचते गाते चल रहे थे। विसर्जन यात्रा की वजह से कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया, जिसकी वजह से लोगों को मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा। बताया गया कि ठाणे पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में 600 अधिक सार्वजनिक पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गयी थी। जबकि 3 हजार से अधिक स्थानों पर निजी तौर पर देवी की स्थापना की गयी थी।

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा से लगा ट्रैफिक जाम

विसर्जन के लिए निकाली गयी शोभायात्रा की सुरक्षा को लेकर चार हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। विसर्जन को लेकर घोडबंदर रोड पर दो बजे से भारी वाहनों के प्रवेश प्रतिबंध लगा दिया गया था, ठाणे शहर में कई स्थानों पर दुर्गा विसर्जन के लिए निकाली गयी शोभा यात्राओं की वजह से टैफिक जाम का भी सामना करना पड़ा।

चोडबंदर रोड पर भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन आंतरिक कम चौड़ी सड़कों पर लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। विजय दशमी के ठाणे जिले में कुल 11 स्थानों पर रावण दहन किया गया।

उल्हासनगर, अंबरनाथ, कल्याण एवं डोंबिवली में रावण दहन कार्यक्रम एवं विजय दशमी के मेले में काफी अधिक भीड़ देखी गयी, रावण दहन के समय उत्साहित नागरिक जय श्रीराम का नारा लगा रहे थे, महाराष्ट्र में विजय दशमी के दिन अपट (शमी) पेड़ की पत्तियों को सोना मानकर एक-दूसरे को भेट करने की प्रथा है। इसे समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक मानते हैं। बुधवार को ही बाजार में बड़े पैमाने पर शमी का पत्ता पहुंच गया था। गुरुवार को लोगों ने एक दूसरे को पत्ता भेटकर एक दूसरे को शुभकामनाएं दी।

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