TET Paper Leak केस में 1.5 करोड़ रूपय की डील का खुलासा, ठाणे पुलिस ने 3 को दबोचा, दिल्ली-हरियाणा से जुड़े तार

Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में ठाणे पुलिस ने डेढ़ करोड़ रुपये की डील का भंडाफोड़ करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली और हरियाणा से जुड़े हैं तार।
Thane police exposed a ₹1.5 crore deal in the Maharashtra TET paper leak case. Three suspects from Bihar and Haryana were detained; investigation is underway.
ठाणे पुलिस (सोर्स - सोशल मिडिया)
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TET Paper Leak Maharashtra: टेट पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र में हड़कंप मच गया है। पेपर लीक होने की संभावना को देखते हुए परीक्षा की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक दुधे ने सनसनीखेज जानकारी देते हुए बताया है कि टेट का प्रश्नपत्र डेढ़ करोड़ रुपये में बेचा जाना था। इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और मुख्य आरोपी अभी फरार है। दिल्ली और हरियाणा का कनेक्शन भी सामने आया है। पेपर लीक की वजह से 28 जून को होने वाली टेट परीक्षा रद्द कर दी गयी है।

पुलिस उपायुक्त को मिली थी गुप्त सूचना

भिवंडी में आयोजित पत्रकार परिषद में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक दुधे ने बताया कि पुलिस उपायुक्त डॉ। पवन बनसोड को गुप्त जानकारी मिली थी कि कुछ लोग टीईटी परीक्षा का पेपर बेचने भिवंडी आने वाले हैं। गोपनीय जानकारी के आधार पर आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम ने कोनगांव पुलिस थाना इलाके में जाल बिछाया। पुलिस ने कोनगांव पुलिस थाना इलाके में तीन आरोपियों राजीव शाह (बिहार), आकाश कुमार (बिहार) और धीरज कुमार (हरियाणा) को हिरासत में लेकर पूछ-ताछ की।

तीनों आरोपी दिल्ली से पेपर बेचने भिवंड़ी आए थे। प्रारंभिक जांच में संदिग्ध आरोपियों के पास से कुछ प्रश्नपत्र मिले जो टेट परीक्षा के पेपर से मेल खा रहे थे। सच्चाई का पता लगाने के लिए महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। जिसके बाद कोनगांव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई। पुलिस ने इंडियन पीनल कोड की धारा 318(4) 316(5) 61(2) के साथ-साथ महाराष्ट्र एग्जामिनेशन एक्ट 2024 के तहत मामला दर्ज किया है।

शिक्षा विभाग से की गई पुष्टि

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक दुधे ने बताया कि आरोपी पेपर किसके लिए बेचने आए थे, किसे बेचे, कौन ले गया? इन सभी मामलों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह बात सामने आई है कि आरोपियों से जो पेपर खरीदे जाने थे, उन्हें अलग-अलग रकम में बेचा जाना था।

दुधे ने यह भी बताया कि पुलिस को मिले पेपर शिक्षा विभाग को भेजे गए थे, और जब उन्होंने पेपर वेरिफाई किए, तो पता चला कि ये पेपर उसी परीक्षा के थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने यह पेपर बेचने के लिए 1.5 करोड़ रुपये मांगे थे। पुलिस की तलाशी में पेपर के 4 सेट मिले और एक मोबाइल डेबिट कार्ड भी मिला है।

बनसोड़े की निगरानी में विशेष टीम

टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस उपायुक्त पवन बनसोड़े की निगरानी में एक विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम इस बात की जाँच करेगी कि आरोपियों को पेपर कहां से मिले। इस मामले में भी कोचिंग सेंटर आरोपियों के दिल्ली से पेपर लेकर यहां पहुंचने के सभी कारणों की जांच होगी। बताया गया कि शुरुआती जांच में शिक्षा विभाग का शामिल होना नहीं पाया गया, एक आरोपी ने पैसे देकर केंद्रीय विद्यालय में नौकरी पाई थी, जबकि एक आरोपी ने टेट परीक्षा दिया था और उसमें फेल हो गया था

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