Navi Mumbai में 513 इमारतें खतरनाक घोषित, 31 मार्च 2026 तक कराना होगा ऑडिट

Navi Mumbai MNC ने 513 इमारतों को खतरनाक घोषित किया है। 30 साल पुरानी इमारतों का ढांचा ऑडिट करवाना 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य कर दिया है, वरना 25 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान तय किया है।
Navi Mumbai Buildings
नवी मुंबई की जर्जर इमारतें (सौ. सोशल मीडिया )
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Navi Mumbai News In Hindi: मनपा के अधिकार क्षेत्र में वर्ष 2024-25 के लिए खतरनाक इमारतों का सर्वेक्षण किया गया है। सर्वेक्षण के बाद महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 264 उपधारा (1)(2)(3)(4) तहत कुल 513 इमारतों घोषित किया गया है।

महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 265 (ए) के अनुसार 30 वर्षों से अधिक समय से उपयोग में आ रही इमारतों का संरचनात्मक इंजीनियर या नवी मनपा में पंजीकृत संरचनात्मक इंजीनियर द्वारा संरचनात्मक ऑडिट कराना अनिवार्य है।

किसी इमारत के 30 वर्षों से अधिक उपयोग की गणना उस तिथि से की जाएगी। जिस दिन इमारत के क्षेत्र का अधिभोग प्रमाण पत्र (पूर्ण या आंशिक) उपयोग में लाया जाता है। नियुक्त संरचनात्मक इंजीनियर द्वारा अनुशंसित मरम्मत कार्य के पूरा होने और इमारत अच्छी स्थिति में है, यह प्रमाण पत्र नवी मुंबई मनपा को प्रस्तुत करना होगा।

निरीक्षण की जिम्मेदारी न निभाने पर कार्रवाई

मनपा प्रशासन ने कहा है कि संरचनात्मक निरीक्षण की जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने वाले संस्थान/मालिक/कब्जाधारी को महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 598 (ए) के तहत 25000 रुपए का जुर्माना का प्रावधान किया गया है। नर्व मुंबई महानगरपालिका ने संरचनात्मक इंजीनियरों की सूची नवी मुंबड महानगरपालिका की वेबसाइट www.nmmc.gov.in पर उपलब्ध करा दी है।

जान-माल का हो सकता है भारी नुकसान

30 वर्ष से अधिक पुरानी इमारत का संरचनात्मक निरीक्षण 31 मार्च 2026 से पहले पूरा किया जाना चाहिए। रिपोर्ट संबंधित विभाग के सहायक आयुक्त और प्रभागीय अधिकारी या सहायक निदेशक शहरी नियोजन, नवी मुंबई महानगरपालिका को प्रस्तुत की जानी चाहिए। मनपा का कहना है कि जर्जर इमारतों में रहना मुसीबत को न्यौता देने जैसा है। इसलिए नागरिकों से अपील है कि वे खतरनाक इमारतों और मकानों में निवास उपयोग तुरंत बंद कर दें. अन्यथा नवी मुंबई महानगरपालिका की ओर से सूचित किया जाता है कि यह ध्यान रखें कि किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी संबंधितों की रहेगी।

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