ठाणे में 40-50 हजार दुकानें बिना लाइसेंस! मनपा कराएगी सर्वे, हर साल 5 करोड़ तक बढ़ सकता है राजस्व

Thane Trade License: ठाणे मनपा क्षेत्र में 40-50 हजार दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना लाइसेंस चलने का अनुमान है। मनपा तीसरे पक्ष से सर्वे कराकर हर साल 4-5 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व जुटाएगी।
40,000–50,000 shops in Thane operating without licenses! Municipal corporation to conduct a survey
ठाणे मनपासोर्स- सोशल मीडिया
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Thane Municipal Corporation: आय और व्यय के बीच बढ़ते अंतर के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रही ठाणे महानगरपालिका (मनपा) अब अपनी आय बढ़ाने के लिए शहर में बिना लाइसेंस संचालित हो रहे दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नजरें गड़ा रही है। मनपा के अनुसार, शहर में करीब 40 से 50 हजार दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना आवश्यक लाइसेंस के संचालित होने की आशंका है। इन प्रतिष्ठानों की पहचान और पंजीकरण के लिए लाइसेंस विभाग ने तीसरे पक्ष की एजेंसी नियुक्त करने का निर्णय लिया है।

प्रशासन का अनुमान है कि इस प्रक्रिया के बाद अधिक से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लाइसेंस के दायरे में लाया जा सकेगा और लाइसेंस शुल्क के रूप में मनपा की वार्षिक आय में करीब 4 से 5 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।

संपत्ति कर के रिकॉर्ड में 69 हजार से ज्यादा गैर-आवासीय प्रतिष्ठान

मनपा के संपत्ति कर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शहर में कुल 69,161 गैर-आवासीय प्रतिष्ठान दर्ज हैं। इनमें दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य गैर-आवासीय संपत्तियां शामिल हैं।

इसके विपरीत, मनपा के लाइसेंस विभाग के पास ट्रेड-बिजनेस लाइसेंस लेने वाले प्रतिष्ठानों की संख्या महज 7,246 है। दोनों आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर होने के कारण प्रशासन को आशंका है कि बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान बिना आवश्यक लाइसेंस के कारोबार कर रहे हैं। इसी अंतर को दूर करने के लिए अब व्यापक सर्वेक्षण कराने की तैयारी है।

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तीसरे पक्ष की एजेंसी करेगी घर-घर और प्रतिष्ठान स्तर पर सर्वे

ठाणे मनपा ने बिना लाइसेंस संचालित हो रहे दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की पहचान के लिए तीसरे पक्ष की एजेंसी नियुक्त करने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव 17 अगस्त को होने वाली आम सभा के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

सर्वेक्षण के दौरान प्रत्येक व्यावसायिक प्रतिष्ठान से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें प्रतिष्ठान का नाम, स्थान, फोटो, उपलब्ध दस्तावेज और संबंधित संपत्ति संख्या जैसी जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए मनपा संपत्ति कर विभाग के रिकॉर्ड और लाइसेंस विभाग के आंकड़ों के बीच मौजूद अंतर को कम करने का प्रयास करेगी।

लाइसेंस प्रक्रिया भी होगी ऑनलाइन

मनपा प्रशासन लाइसेंस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए इसे ऑनलाइन करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लाइसेंस के लिए आवेदन करने और प्रक्रिया पूरी करने में आसानी होने की उम्मीद है।

ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए मनपा के पास प्रतिष्ठानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे लाइसेंस की स्थिति की निगरानी करना और बिना लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों की पहचान करना भी आसान हो सकता है।

मनपा की आय बढ़ाने की कोशिश

ठाणे मनपा लंबे समय से आय और व्यय के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रही है। ऐसे में प्रशासन अब उन स्रोतों पर ध्यान दे रहा है, जहां से अतिरिक्त राजस्व हासिल किया जा सकता है। बिना लाइसेंस संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लाइसेंस व्यवस्था के दायरे में लाना इसी रणनीति का हिस्सा है। यदि सर्वेक्षण के बाद बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों का पंजीकरण होता है तो मनपा को एक ओर शहर में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों का बेहतर रिकॉर्ड मिलेगा, वहीं दूसरी ओर लाइसेंस शुल्क के रूप में अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। मनपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि शहर में वास्तव में कितने व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं और उनमें से कितनों ने आवश्यक लाइसेंस लिया है। संपत्ति कर विभाग और लाइसेंस विभाग के आंकड़ों में मौजूद बड़ा अंतर इसी ओर इशारा करता है।

अब प्रस्तावित सर्वेक्षण के जरिए मनपा इन प्रतिष्ठानों का जमीनी स्तर पर सत्यापन करेगी। इसके बाद पात्र प्रतिष्ठानों को लाइसेंस प्रक्रिया में लाने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल तीसरे पक्ष की एजेंसी की नियुक्ति का प्रस्ताव आम सभा की मंजूरी के अधीन है। मंजूरी मिलने के बाद सर्वेक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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