‘कैसा हराया...’ वाली AIMIM पार्षद सहर शेख के पिता शिवसेना में शामिल? मुस्लिम बहुल मुंब्रा में सियासी हलचल तेज

AIMIM Sahar Sheikh News: ठाणे के मुंब्रा की AIMIM की चर्चित नगरसेविका सहर शेख के पिता यूनुस शेख को शिवसेना से जुड़े संगठन में अहम जिम्मेदारी मिलने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं।
AIMIM Corporator Sahar Sheikh Father Yunus Sheikh shiv sena appointment
यूनुस शेख को केबल सेना के कलवा-मुंब्रा डिवीजन के अध्यक्ष का नियुक्त पत्र सौंपते प्रतिनिधिसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • कैसा हराया... वाला बयान देकर सुर्खियों में आई थीं AIMIM नगरसेविका सहर शेख

  • AIMIM नगरसेविका सहर शेख के पिता यूनुस शेख को कलवा-मुंब्रा केबल सेना का अध्यक्ष बनाया गया है।

  • नियुक्ति पत्र पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम और आशीर्वाद का जिक्र होने से मुंब्रा में सियासी हलचल तेज।

AIMIM Corporator Sahar Sheikh Father Yunus Sheikh News: AIMIM की चर्चित नगरसेविका सहर शेख के पिता यूनुस शेख को लेकर ठाणे जिले के मुस्लिम बहुल इलाके मुंब्रा में नया राजनीति विवाद खड़ा हो गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना से जुड़े एक संगठन ने यूनुस शेख को कलवा-मुंब्रा केबल सेना का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पत्र सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

‘कैसा हराया...’ से सुर्खियों में आई थीं सहर शेख

इसी साल जनवरी में हुए ठाणे मनपा चुनाव में मुंब्रा के वार्ड नंबर 30 से AIMIM के टिकट पर चुनाव जीतने वाली सहर शेख अपने एक भाषण को लेकर काफी चर्चा में आई थीं। विजय सभा के दौरान उन्होंने स्थानीय विधायक जितेंद्र आव्हाड पर तंज कसते हुए ‘कैसा हराया...’ कहा था। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।

इसी सभा में सहर शेख ने मुंब्रा को हरे रंग से रंगने की बात भी कही थी। उनके इस बयान पर महायुति के नेताओं और शिंदे सेना समेत कई राजनीतिक विरोधियों ने आलोचना की थी। अब उनके पिता की शिंदे सेना से जुड़े संगठन में नियुक्ति ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है।

नियुक्ति पत्र से बढ़े सवाल, यूनुस शेख का इनकार

सामने आए नियुक्ति पत्र में यूनुस शेख को कलवा-मुंब्रा केबल सेना का अध्यक्ष बनाए जाने का उल्लेख है। पत्र पर ‘एकनाथ शिंदे के आशीर्वाद से’ लिखे होने और नियुक्ति एकनाथ शिंदे के आदेश पर किए जाने के दावे ने इस घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से अहम बना दिया है।

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कभी जितेंद्र आव्हाड के समर्थक थे यूनुस शेख

यूनुस शेख पहले एनसीपी शरद पवार गुट के नेता एवं कलवा मुम्ब्रा से विधायक जितेंद्र आव्हाड के कट्टर समर्थक माने जाते थे, लेकिन बाद में दोनों के बीच मतभेद हो गए। मनपा चुनाव में उन्होंने अपनी बेटी के लिए शरद पवार गुट से टिकट मांगा था। टिकट नहीं मिलने पर सहर शेख ने AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

जीत के बाद यूनुस और सहर ने जितेंद्र आव्हाड पर तीखे हमले किए थे। यूनुस ने आव्हाड को चेतावनी देते हुए अपनी बेटी को टिकट नहीं देने का मुद्दा भी उठाया था। अब शिवसेना से ही जुड़े केबल सेना में यूनुस शेख की नियुक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मुम्ब्रा से एमआईएम के 5 नगरसेवक चुने गए हैं इनमें सर्वाधिक चर्चा यूनुस शेख और उनकी बेटी सहर शेख की ही होती रही है।

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यूनुस शेख ने क्या कहा?

AIMIM पार्षद सहर शेख के पिता यूनुस शेख ने कहा कि मैं पिछले 40 सालों से केबल के कारोबार से जुड़ा हुआ हूं। इस पेशे के जरिए, मैं अखिल भारतीय केबल सेना का सदस्य हूं, इस संगठन की स्थापना दिवंगत आनंद दिघे ने की थी, जो शिवसेना के ठाणे जिला प्रमुख थे।

यूनुस शेख ने कहा कि इस संगठन ने मुझे कलवा-मुंब्रा डिवीजन के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। मैं इस इलाके में इंटरनेट और केबल कारोबार से जुड़े कामकाज की देखरेख करूंगा। इसलिए, यह समझना चाहिए कि मैं शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुआ हूं, यह गलत है। मैंने केवल केबल सेना के कलवा-मुंब्रा अध्यक्ष की भूमिका संभाली है। मैं अभी भी AIMIM पार्टी का सदस्य हूं।

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