गोरेगांव में निर्माण कार्यों से फैली धूल और प्रदूषण पर भड़के लोग, BMC से सख्त कार्रवाई की उठी जोरदार मांग

Goregaon Pollution: गोरेगांव में निर्माण स्थलों से उड़ती धूल और बढ़ते प्रदूषण से नागरिक परेशान हैं। स्थानीय नेताओं ने बीएमसी से नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
People outraged over dust and pollution caused by construction work in Goregaon
गोरेगांव निर्माण धूल प्रदूषण सोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • गोरेगांव में निर्माण कार्यों के चलते धूल और प्रदूषण बढ़ा।

  • नियमित पानी के छिड़काव और निर्माण सामग्री ढकने की व्यवस्था पर सवाल।

  • नागरिकों ने बीएमसी से निरीक्षण और सख्त कार्रवाई की मांग की।

Goregaon Construction Dust Pollution BMC Action: गोरेगांव में सुबह होते ही हवा में धूल और मिट्टी के कण फैलने से प्रदूषण की समस्या गंभीर होती दिखाई दे रही है। इलाके में बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण उड़ती धूल स्थानीय नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

सुबह के समय कई जगहों पर वातावरण धूल से भरा नजर आने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थलों पर धूल को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए जा रहे हैं। विशेष रूप से पानी के नियमित छिड़काव की व्यवस्था नहीं होने से समस्या और बढ़ रही है।

गोरेगांव और आसपास के इलाकों में विकास कार्यों और निर्माण गतिविधियों के चलते बड़ी मात्रा में मिट्टी, रेत और निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल हवा के साथ आसपास की सड़कों, रिहायशी इमारतों और दुकानों तक पहुंचती है। वाहनों की आवाजाही से भी सड़क पर जमी धूल दोबारा हवा में फैल जाती है।

इससे स्थानीय नागरिकों को रोजाना धूल भरे वातावरण का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह के समय जब लोग काम पर निकलते हैं, बच्चे स्कूल जाते हैं और वरिष्ठ नागरिक टहलने के लिए बाहर आते हैं, तब धूल के कारण उन्हें परेशानी होती है।

नियमित पानी के छिड़काव की व्यवस्था नहीं

स्थानीय नागरिकों की प्रमुख शिकायत यह है कि निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए नियमित पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि निर्माण स्थलों, आसपास की सड़कों और धूल प्रभावित हिस्सों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए तो धूल के उड़ने में कमी लाई जा सकती है। इसके अलावा निर्माण सामग्री को ढक कर रखने, मलबे का सुरक्षित परिवहन करने और निर्माण स्थलों पर निर्धारित प्रदूषण नियंत्रण उपायों का पालन कराने की भी जरूरत है।

चल रहे निर्माण कार्यों, सड़कों पर फैली मिट्टी और निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह करीब 7:45 बजे गोरेगांव के कई हिस्सों में धुंध जैसी स्थिति दिखाई दे रही थी। हवा में धूल के कणों की मौजूदगी के कारण प्रदूषण का असर साफ महसूस किया जा सकता है। गोरेगांव में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहे हैं और इनके दौरान प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच की जानी चाहिए। मनपा आयुक्त, राज्य सरकार और संबंधित प्रदूषण नियंत्रण विभाग को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

जयप्रकाश ठाकुर, भाजपा नेता

गोरेगांव में विकास कार्यों के साथ नागरिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है। यदि समय रहते निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तो धूल से होने वाली परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अब देखना यह है कि बीएमसी इस समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है।

महेंद्र प्रसाद यादव, अध्यक्ष, सपा गोरेगांव विधानसभा

बीएमसी से कार्रवाई की मांग

नागरिकों ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका से गोरेगांव में बढ़ती धूल और प्रदूषण की समस्या पर ध्यान देने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग को निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

जिन स्थानों पर धूल नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, वहां आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रभावित सड़कों पर नियमित सफाई और पानी के छिड़काव की व्यवस्था की जाए और निर्माण स्थलों पर धूल को हवा में फैलने से रोकने के लिए प्रभावी उपाय लागू किए जाएं।

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