प्रताप सरनाईक का बड़ा आरोप, काशीमीरा में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने की रची जा रही साजिश

Mira Bhayandar Shivaji Statue: काशीमीरा नाका स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को हटाने की कोशिशों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। प्रताप सरनाईक ने विधायक नरेंद्र मेहता पर गंभीर आरोप लगाए।
Kashimira Shivaji Maharaj Statue Repair News
काशीमीरा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा (सौ. सोशल मीडिया )
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Mira Bhayandar Shivaji Statue Row: मीरा-भाईंदर शहर के प्रवेश द्वार काशीमीरा नाका पर पिछले 30 वर्षों से स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को हटाने की साजिश रची जा रही है। यह गंभीर आरोप राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधायक नरेंद्र मेहता पर लगाया।

रविवार को आयोजित पत्रकार परिषद में सरनाईक ने दावा किया कि प्रतिमा के आसपास की मनपा जमीन पर शॉपिंग मॉल बनाने की योजना है और इसी वजह से प्रतिमा को वहां से स्थानांतरित करने की कोशिश की जा रही है।

मीरा-भाईंदर मनपा की जमीन

प्रताप सरनाईक ने कहा कि काशीमीरा स्थित प्रतिमा के दोनों ओर मीरा-भाईंदर मनपा की जमीन है। आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि विधायक मेहता उस जमीन का व्यावसायिक उपयोग करना चाहते हैं और मनपा का " व्यापारीकरण " कर दिया गया है।

02 किमी के दायरे में एक ही महापुरुष की दो प्रतिमाएं नहीं हो सकती है स्थापित

मंत्री ने बताया कि दिल्ली दरबार होटल के सामने जे।पी। इंफ्रा चौक पर नई छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा स्थापित करने से पहले मनपा ने जिलाधिकारी को दिए शपथ पत्र में काशीमीरा नाका स्थित मौजूदा प्रतिमा को स्थानांतरित करने पर सहमति जताई थी। उन्होंने कहा कि नियमानुसार 02 किलोमीटर के दायरे में एक ही महापुरुष की दो प्रतिमाएं स्थापित नहीं की जा सकतीं।

सरकार की अनुमति जरूरी

सरनाईक के मुताबिक, मौजूदा स्थिति में काशीमीरा की प्रतिमा तकनीकी रूप से 'अवैध' मानी जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा के मरम्मत के लिए राज्य सरकार से विशेष अनुमति लेना जरूरी होगी और मंत्री होने के नाते वह इसके लिए सरकार से विशेष मंजूरी मांगेगे।

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