Mira Bhayandar Hospital में बड़ा खुलासा, 48 घंटे की वैधता वाली 1.65 करोड़ की दवाएं पहुंचीं

Mira Bhayandar Hospital : मीरा-भाईंदर के सरकारी अस्पताल में एक्सपायरी के करीब दवाएं पहुंचाने का मामला सामने आया है। प्रताप सरनाईक के निरीक्षण में खुलासा हुआ कि दवाओं की वैधता सिर्फ 48 घंटे बची थी।
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महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mira Bhayandar Hospital Expired Medicines Scam: मीरा-भाईंदर के भाईंदर पश्चिम स्थित पंडित भीमसेन जोशी (टेंबा) सरकारी अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अचानक निरीक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ कि अस्पताल में एक्सपायरी के करीब पहुंच चुकी दवाएं सप्लाई की गई थीं। जानकारी के मुताबिक 27 मार्च को ‘सक्षम फाउंडेशन’ द्वारा लगभग 1 करोड़ 65 लाख रुपये की दवाएं अस्पताल को दी गईं।

हैरान करने वाली बात यह है कि इन दवाओं की एक्सपायरी डेट 30 मार्च थी, यानी इनकी वैधता केवल 48 घंटे ही शेष थी। यह स्थिति सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

नियमों के खिलाफ आपूर्ति

अस्पताल के नियमों के अनुसार कम से कम 6 महीने की वैधता वाली दवाएं ही स्वीकार की जाती हैं। इसके बावजूद इतनी कम अवधि वाली दवाओं की आपूर्ति होना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। खास बात यह भी है कि अस्पताल ने इन दवाओं की मांग भी नहीं की थी।

डॉक्टरों की सतर्कता से टला खतरा

हालांकि अस्पताल के डॉक्टरों और अधिकारियों की सतर्कता के कारण इन दवाओं का उपयोग नहीं किया गया। समय रहते इन्हें पहचान लिया गया और फाउंडेशन को लिखित रूप में वापस कर दिया गया, जिससे संभावित खतरे को टाल दिया गया।

मंत्री ने जताई कड़ी नाराजगी

मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

जांच और कार्रवाई की तैयारी

इस घटना के बाद पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।