Mira Bhayandar Drain Cleaning Work: मानसून से पहले मीरा-भाईंदर में अधूरी नाला सफाई, जलभराव बढ़ने की आशंका
Mira Bhayandar Drain Cleaning Work: मानसून से पहले चल रहे नाला सफाई अभियान की रफ्तार और गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। उपमहापौर ने प्रशासन को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
मीरा भयंदर ड्रेन क्लीनिंग (सौ. सोशल मीडिया )
Mira Bhayandar Drain Cleaning Work Monsoon News: मीरा-भाईंदर में आगामी मानसून को देखते हुए मनपा प्रशासन ने नालों की सफाई अभियान तेज कर दिया है, लेकिन काम की गुणवत्ता और रफ्तार पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
उपमहापौर ध्रुवकिशोर पाटील ने मंगलवार को शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा कर नाला सफाई कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर भारी लापरवाही सामने आने पर उन्होंने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई और मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।
150 से ज्यादा नालों की सफाई, फिर भी अधूरा काम
मीरा-भाईंदर शहर में 150 से अधिक छोटी-बड़ी नालियां है, जिनमें सालभर भारी मात्रा में गाद जमा होती रहती है। मानसून से पहले समय पर सफाई नहीं होने पर जल निकासी बाधित होकर बाड़ जैसी स्थिति बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष प्री-मानसून सफाई अभियान चलाया जाता है। इस बार भी ठेकेदारों के माध्यम से सफाई कार्य शुरू किया गया, लेकिन निरीक्षण में कई खामियां उजागर हुई।
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रेलवे लाइन के समानांतर नाले की सफाई अटकी भाईदर पश्चिम के दौरे के दौरान रेलवे ट्रैक के समानांतर स्थित नाले के पास जेसीबी मशीन खड़ी मिली, लेकिन पहुंच मार्ग नहीं होने से सफाई कार्य अधूरा पड़ा था।
उपमहापौर ने सवाल उठाया कि जब मशीनों के लिए रास्ता ही उपलब्ध नहीं है तो काम समय पर और प्रभावी तरीके से कैसे पूरा होगा। नाजरेथ स्कूल के पास संपर्क मार्ग पर नालों से निकाली गई गाद सड़क किनारे ही पड़ी मिली।
उसे हटाने की कोई व्यवस्था नहीं दिखाई दी। पाटील ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि यदि समय रहते गाद नहीं हटाई गई तो बारिश के दौरान वही कीचड़ दोबारा नालों में बहकर जल निकासी व्यवस्था को बाधित करेगी।
तकनीकी खामियों से बढ़ सकती है जलभराव की समस्या
राधास्वामी सत्संग रोड इलाके में निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि नई बनाई गई कच्ची नाली तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है। कई स्थानों पर चौड़ी नाली की जरूरत होने के बावजूद केवल पाइप डाल दिए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि भारी बारिश के दौरान इससे जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है।
मैंग्रोव और जमा गाद बने बड़ी बाधा
निरीक्षण में कई नालों में तेजी से फैल रहे मैंग्रोव वन और जमा मिट्टी भी पानी के प्राकृतिक बहाव में रुकावट बनते दिखाई दिए। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि मानसून शुरू होने से पहले सभी अवरोध हटाए जाएं, ताकि पानी का प्रवाह सुचारू बना रहे।
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नए नाले से जलभराव कम होने का दावा
- मनपा प्रशासन ने प्राकृतिक जलधारा के समानांतर यह नया अस्थायी नाला तैयार किया है, जिससे पानी के बहाव की गति बढ़ने का दावा किया जा रहा है।
- महापौर डिंपल मेहता और मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा ने भी इस नाले का निरीक्षण किया।
- उपमहापौर ध्रुवकिशोर पाटील का कहना है कि इस वैकल्पिक नाले के निर्माण से आने वाले मानसून में मीरारोड और आसपास के इलाकों में बाढ़ और जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
