मीरा-भाईंदर का विकास आखिर कब तक रुका रहेगा? 9 साल से नए डीपी का इंतजार

Mira Bhayandar Development Plan: मीरा-भाईंदर शहर का नया रिवाइज्ड डेवलपमेंट प्लान पिछले 9 वर्षों से मंजूरी के इंतजार में अटका है, जिस पर मंत्री सरनाईक ने मुख्यमंत्री से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
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Mira Bhayandar (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mira Bhayandar DP Approval Delay: मुंबई से सटे तेजी से विकसित हो रहे मीरा-भाईंदर शहर के विकास पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। 2017 में विकास योजना (डीपी) की अवधि समाप्त होने के बावजूद पिछले 9 वर्षों से नया रिवाइज्ड डेवलपमेंट प्लान मंजूरी के इंतजार में अटका हुआ है। अब इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

बढ़ती आबादी, पिछड़ता इंफ्रास्ट्रक्चर

करीब 15 लाख की आबादी वाले मीरा-भाईंदर में तेजी से शहरीकरण हुआ है, लेकिन उसी अनुपात में बुनियादी सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया। सरनाईक ने अपने पत्र में कहा कि शहर की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए नया डेवलपमेंट प्लान बेहद जरूरी है।

9 साल से लटका है प्लान

शहर का मूल विकास प्लान 1997 और 2000 में लागू हुआ था, जिसकी मुद्दत 2017 तक थी। बदलती जरूरतों को देखते हुए 15 अक्टूबर 2015 को नए प्लान का प्रस्ताव रखा गया। 28 अक्टूबर 2022 को ड्राफ्ट जारी किया गया।आपत्तियों और सुझावों की प्रक्रिया पूरी हुई। 25 अक्टूबर 2023 से प्लान राज्य सरकार की अंतिम मंजूरी के इंतजार में है।

कई बड़े प्रोजेक्ट्स अटके

रिवाइज्ड डीपी में कई अहम परियोजनाएं शामिल हैं, जिन पर शहर का भविष्य टिका है। जिसमें दहिसर–मीरा-भाईंदर लिंक रोड,मेट्रो लाइन 10 के लिए आरक्षण,सूर्या डैम से जलापूर्ति योजना,फाउंटेन होटल से गायमुख तक सड़क चौड़ीकरण जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट का समावेश है। इन परियोजनाओं से ट्रैफिक, पानी और कनेक्टिविटी की समस्याओं में सुधार की उम्मीद है।

फंड मौजूद, लेकिन काम ठप

सरनाईक के अनुसार, राज्य सरकार ने विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया है, लेकिन डीपी को मंजूरी न मिलने से इनका उपयोग नहीं हो पा रहा। इससे विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।

“कुछ लोग डाल रहे हैं अड़ंगा”

मंत्री ने बिना नाम लिए कुछ जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया कि निजी स्वार्थ के कारण योजना को जानबूझकर रोका जा रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

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