डोंबिवली में तुकाराम मुंढे का एक्शन, FDA ने 500 लीटर दूध नष्ट किया, ठाणे में 20 लाख का माल जब्त

Thane FDA Action: त्योहारों से पहले महाराष्ट्र FDA ने खाद्य सुरक्षा को लेकर अभियान तेज किया। ठाणे में 20.48 लाख का खाद्य भंडार जब्त हुआ, जबकि डोंबिवली में 500 लीटर खुला दूध नष्ट किया गया।
Tukaram Mundhe takes action in Dombivli; FDA destroys 500 liters of milk
तुकाराम मुंडेसोर्स- सोशल मीडिया
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Thane FDA Action Adulterated Food Seized: डोंबिवली में मिलावटी दूध की आपूर्ति की शिकायतों के बीच अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक डेयरी पर छापेमारी कर कार्रवाई की है। सांगली से बिक्री के लिए लाया गया करीब 500 लीटर खुला दूध जब्त कर नष्ट कर दिया गया। दूध के नमूने जांच के लिए मुंबई स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

नवदुर्गा दूध डेयरी पर छापा

कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र में जीवनावश्यक वस्तुओं और खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतों को देखते हुए FDA ने जांच अभियान तेज किया है।

इसी अभियान के तहत कल्याण विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेंद्र कोडक और राजेंद्र कर्डक के दल ने बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे डोंबिवली पश्चिम के भोईरनगर क्षेत्र स्थित नवदुर्गा दूध डेयरी पर छापा मारा।

सांगली से आया था 500 लीटर खुला दूध

अधिकारियों के मुताबिक, डेयरी में बिक्री के लिए सांगली से लाया गया करीब 500 लीटर खुला दूध रखा गया था। जांच के दौरान अधिकारियों ने दूध की बिक्री और गुणवत्ता से संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र कर्डक के अनुसार, डेयरी संचालक के पास दूध बिक्री की रसीदें और आवश्यक लाइसेंस नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद विभाग ने दूध को जब्त कर नष्ट कर दिया।

दूध के नमूने मुंबई भेजे गए

FDA की टीम ने दूध के नमूने भी लिए हैं। इन्हें गुणवत्ता और मिलावट की जांच के लिए मुंबई स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद दूध की गुणवत्ता को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

प्रिंस बेकरी पर भी हुई थी कार्रवाई

कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र में FDA की कार्रवाई लगातार जारी है। दो दिन पहले कल्याण स्थित प्रिंस बेकरी पर भी छापेमारी की गई थी। वहां कथित तौर पर अवैध लकड़ी की भट्ठी का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आने के बाद बेकरी को सील कर दिया गया था।

लगातार हो रही कार्रवाई के बीच FDA ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और जरूरी लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। दूध की प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्यभर में कार्रवाई तेज कर दी है। ठाणे शहर के शील-दिवा रोड क्षेत्र में फरसाण, वेफर्स, चिवड़ा, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थ बनाने तथा बेचने वाले 11 प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

इस दौरान करीब 28,955 किलो और 56 लीटर खाद्य सामग्री व तेल का कुल 20 लाख 48 हजार 801 रुपये से अधिक मूल्य का भंडार जब्त किया गया। विभाग ने इन प्रतिष्ठानों के कामकाज और लाइसेंस पर भी कार्रवाई की है।

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जांच के दौरान कई जगह खाद्य पदार्थ बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किए जा रहे थे। कुछ प्रतिष्ठानों के पास वैध खाद्य लाइसेंस नहीं था। उत्पादन क्षेत्र की फर्श गंदी और चिपचिपी मिली। कई जगह जल निकासी की व्यवस्था नहीं थी और आसपास गंदा पानी जमा मिला।

कुछ स्थानों पर तिलचट्टे और चूहों का प्रकोप भी पाया गया। कर्मचारियों को बिना साफ कपड़ों, दस्ताने, टोपी और अन्य जरूरी सुरक्षा साधनों के खाद्य पदार्थ तैयार करते पाया गया। पैक किए गए खाद्य पदार्थों पर जरूरी जानकारी भी सही तरीके से दर्ज नहीं थी। मुंबई में भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की।

कई इलाकों में रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस निलंबित

कांजूरमार्ग पश्चिम के श्री गजानन वडापाव और नाश्ता केंद्र में खुले रसोईघर, कीटों के प्रवेश को रोकने की अपर्याप्त व्यवस्था और खाद्य संपर्क के लिए अनुपयुक्त सामग्री के उपकरण पाए गए।

जोगेश्वरी पूर्व की समर्थ स्वीट्स में खुले नाले, कचरा और खाद्य उत्पादन क्षेत्र की खराब व्यवस्था सामने आई। मुलुंड पूर्व में एकविरा झुणका भाकर केंद्र और मनीषा स्वीट्स के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए गए।

नवाब सीख कॉर्नर और होटल अग्नि पर भी गंभीर स्वच्छता संबंधी खामियां मिलने के बाद कार्रवाई की गई। इसके अलावा पुणे क्षेत्र के तीन होटल के लाइसेंस तत्काल निलंबित किए गए।

प्रशासन ने त्योहारों में सामूहिक भोजन वितरण करने वाले आयोजकों को कार्यक्रम से कम से कम सात दिन पहले निर्धारित पूर्व सूचना देने को कहा है।

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