किसानों की बर्बरता के विरोध में सोमवार को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया गया
- Written By: Virendra Mishra
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ठाणे. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखीमपुर (Lakhimpur) में किसानों की बर्बरता को लेकर चारों तरफ विरोध (Against) प्रदर्शन शुरू हो गए है। आरोप हैं कि 2 जून की रोटी देने वाले किसानों का खेतों में पसीना(Sweat) बहाकर खून बहाने का काम बीजेपी के मंत्री कर रहे है। उधर, महा विकास अघाड़ी ने किसानों(Farmers) के साथ हो रही बर्बरता के विरोध में आक्रामक रुख अपनाते हुए महाराष्ट्र बंद का आह्वान(Invocation) किया है।
इसके तहत संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे और आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड के मार्गदर्शन(Guidance) में सोमवार को ठाणे में बंद का ऐलान(Announcement) किया गया है। ठाणे शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(Nationalist Congress Party) और कांग्रेस पदाधिकारियों(Office Bearers) ने जनता से इस बंद का समर्थन(Support) करने का आग्रह किया है।
गौरतलब है कि, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा एक कार्यक्रम के लिए लखीमपुर खीरी जाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही किसानों ने केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया। वहीं काफिले में शामिल केंद्रीय मंत्री के नाराज बेटे आशीष मिश्रा ने कार से किसानों को कुचलने की कोशिश की। इस दौरान नौ किसानों की मौत हो गई। इस घटना के विरोध में सोमवार को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया गया है।
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‘बंद’ राजनीतिक नहीं
बंद को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने पूरे ठाणे शहर में होर्डिंग लगा दी है। इस बीच कहा गया है कि ‘बंद’ राजनीतिक नहीं बल्कि अन्नदाता किसान को न्याय दिलाने के लिए है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नगर अध्यक्ष ने कहा कि पसीने के कारण 2 जून की रोटी पाने वाले किसान का खून बहाने का पाप भाजपा सरकार कर रही है।
जलियांवाला बाग की घटना ताजा
दिल्ली की सीमा पर आंदोलन कर रहे किसानों पर जिस तरह से पुलिस और सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया है, वह जनरल डायर के आदेश पर जलियांवाला बाग में क्रांतिकारियों पर अंधाधुंध फायरिंग की घटना को ताजा कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार डायर के नक्शे कदम पर चल रही है। अपने हक की लड़ाई लड़ रहे किसानों को केंद्र की भाजपा सरकार कुचल रही है। हालांकि हम जैसे कई कार्यकर्ता उद्यम सिंह बनकर किसानों की ढाल बनकर खड़े है। परांजपे ने कहा कि सरकार के अत्याचार को उखाड़ फेंकने के लिए लोगों को अभी से तैयार रहना होगा।
