कल्याण कोर्ट का बड़ा फैसला, दिव्यांग नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा

Kalyan Court Minor Rape Case: दिव्यांग नाबालिग से दुष्कर्म और उसे बेसहारा छोड़ने के मामले में आरोपी रिश्तेदार को 20 साल की सजा सुनाई है। पीड़िता को जुर्माने की राशि देने का भी आदेश दिया गया।
Kalyan Court Minor Rape Case 20 Years Jail
कल्याण कोर्ट माइनर रेप का फैसला (सौ. सोशल मीडिया )
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Kalyan Court Minor Rape Case 20 Years Jail: मुंबई के पास स्थित कल्याण जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक गंभीर आपराधिक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

यह मामला एक मानसिक रूप से दिव्यांग नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म से जुड़ा है, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया था। मामले के अनुसार, आरोपी पीड़िता की मौसी का पति था, जिसने बच्ची की दिव्यांगता और असहाय स्थिति का फायदा उठाया। आरोप है कि उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई। घटना वर्ष 2019 की बताई जा रही है।

कल्याण स्टेशन पर छोड़कर हुआ फरार

घटना उजागर होने के डर से आरोपी बच्ची को घुमाने के बहाने जलगांव से करीब 400 किलोमीटर दूर कल्याण ले आया। वहां कल्याण रेलवे स्टेशन के पास एक होटल के सामने उसे यह कहकर छोड़ दिया कि वह खाना लेकर आता है, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। बच्ची को बेसहारा हालत में छोड़ दिया गया।

अदालत ने सुनाई कठोर सजा

इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश वी. ए. पत्रावले ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जाए, ताकि उसे कुछ राहत मिल सके।

न्याय के साथ संदेश भी

अदालत के इस फैसले को न केवल पीड़िता के लिए न्याय माना जा रहा है, बल्कि यह समाज के लिए एक सख्त संदेश भी है कि कमजोर और असहाय लोगों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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