

Eknath Shinde On RSS Ban: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गतिविधियों को सीमित करने के कर्नाटक सरकार के फैसले ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना (शिंदे गुट) प्रमुख एकनाथ शिंदे ने इस निर्णय की कड़ी निंदा करते हुए इसे "दुर्भाग्यपूर्ण और राष्ट्रविरोधी" करार दिया।
शिंदे का कहना है कि आरएसएस देश की सेवा और राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान देने वाला संगठन है, जिस पर प्रतिबंध लगाने का कोई औचित्य नहीं है।
कर्नाटक सरकार ने हाल ही में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें सार्वजनिक स्थानों, सरकारी परिसरों और सड़कों पर संघ के पथ संचलन या कार्यक्रमों पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है।
इस कदम के बाद राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आरएसएस पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि आरएसएस की जड़ें देशभक्ति और राष्ट्रहित में गहराई से जुड़ी हैं। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपदा राहत तक, संघ ने हर मौके पर देश की सेवा की है। ऐसे संगठन पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि "जब भी देश पर संकट आता है, आरएसएस हमेशा मदद के लिए आगे आता है। ऐसे संगठन पर रोक की बात करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद का असर आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों पर भी पड़ सकता है। महाराष्ट्र में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और अजीत पवार की राकांपा मिलकर 'महायुति' के बैनर तले चुनाव लड़ रही है। शिंदे ने दावा किया कि "लोकसभा और विधानसभा में जीत के बाद, अब महायुति नगर निकाय चुनावों में भी भगवा झंडा बुलंद करेगी।"