Navi Mumbai: भिवंडी में मौसम की मार, हर दिन 80 मरीज सर्दी-खांसी से अस्पताल पहुंच रहे

Navi Mumbai: भिवंडी में मौसम में उतार-चढ़ाव और पटाखों के प्रदूषण से सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी। डॉक्टरों ने नागरिकों को सतर्क रहने और घरेलू सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।
भिवंडी में मौसम में उतार-चढ़ाव और पटाखों के प्रदूषण से सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी। डॉक्टरों ने नागरिकों को सतर्क रहने और घरेलू सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।
ठाणे का मौसम (सौ. सोशल मीडिया )
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Navi Mumbai News In Hindi: कुछ दिनों से मौसम में आए बदलाव और पटाखों से होने वाले प्रदूषण के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। गले में संक्रमण, सर्दी-खांसी की बीमारी नागरिकों में फैल रही है।

शहर के अस्पताल में हर दिन इस बीमारी से पीड़ित 70 से 80 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इस साल जिले में दशहरे तक बारिश शुरू थी। उसके बाद पिछले दो हफ्तों से जिले का तापमान बढ़ गया था। सुबह 11 बजे से ही धूप तेज होने से नागरिक भी परेशान हो चुके हैं। दिवाली से एक-दो दिन पहले शाम को अचानक बारिश हुई और अभी भी शाम को बारिश के फुहारें पड़ रहे हैं।

दिन में चिलचिलाती धूप और शाम को बारिश

इन दिनों चिलचिलाती गर्मी और शाम को बारिश के साथ बदलते मौसम ने बातावरण में अस्थिरता पैदा कर दी है। दिवाली के दौरान पटाखे फोड़ने से प्रदूषण की मात्रा बढ़ गई है और इसका असर नागरिकों के स्वास्थ्य पर स्पष्ट रूप से महसूस होने लगा है। नागरिक गले में खराश, सदर्दी, खांसी जैसी डायग्नोस्टिक बीमारियों से पीड़ित रहे हैं।

द्रोण अस्पताल के डा सुजीत यादव के अनुसार पिछले कुछ दिनों में सर्दी-खांसी के मरीजों में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सामान्य सर्दी, बुखार, गले में संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों के साथ आने वाले मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। शहर के छोटे अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। यह लहर ग्रामीण इलाकों में भी पहुंच गई है और सर्दी, खांसी और गले में खराश के मरीज बढ़ गए हैं।

नागरिकों को कैसे ध्यान रखना चाहिए ?

  • डा सुजीत का कहना है कि संक्रामक बीमारी से बचाव की खातिर पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ पीना चाहिए। शरीर को हाइड्रेटेड रखें। गर्म पानी से भाप लें, गर्म पानी से गरारे करें।
  • धूल से बचें, चाहर जाते समय मास्क का प्रयोग करे, बार-बार हाथ धोना और व्यक्तिगत स्वच्छता जरूरी है। पौष्टिक आहार, फल, सर्वजया और विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ खाए।
  • बीमारियों के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह से। खुद दवा न लें, शहर के कई डॉक्टरों का कहना है कि बदलते मौसम और प्रदूषण के असर आसानी से ठीक नहीं होते और एलजी व साइनस के मरीजों पर इसका असर ज्यादा होता है। आगामी कुछ दिनों तक सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
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