50 साल पुराने भिवंडी एसटी डिपो की बदलेगी तस्वीर, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

Bhiwandi ST Bus Depot Redevelopment और आधुनिकीकरण के लिए 14.18 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिल गई है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
Bhiwandi ST Bus Depot Redevelopment Budget
भिवंडी ST डिपो रीडेवलपमेंट (सौ. सोशल मीडिया )
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Bhiwandi ST Bus Depot Redevelopment Budget News: भिवंडी एसटी बस डिपो से रोजाना लंबी दूरी और लोकल की 250 बसें चलती हैं। दूसरे डिपो से एसटी बसों के आने-जाने की वजह से यह डिपो हमेशा यात्रियों से भरा रहता है। अधिक दबाव के कारण डिपो की हालत खस्ताहाल हो चुकी है।

एसटी डिपो के पुनर्निर्माण कामों, जैसे प्लेटफॉर्म, ट्रैफिक कंट्रोल रूम, डिपो मास्टर, रिज़र्वेशन रूम, पार्सल ऑफिस, ड्राइवर-कंडक्टर रेस्ट रूम, पुलिस रूम, टॉयलेट वगैरह के लिए 14.18 करोड़ रुपये का बजट मंजूर करने का मामला विचाराधीन था।

कुछ शर्तों के साथ प्रस्ताव मंजूर

सरकार ने कुछ शर्तों के साथ बजट को मंजूरी देकर डिपो को यात्रियों की खातिर सुविधायुक्त बनाए जाने का निर्णय लिया है जिससे यात्रियों में खुशी फैली है। शर्तों में मुख्य रूप से संबंधित कार्यकारी अभियंता से टेक्निकल अप्रूवल लेना, पुराने स्ट्रक्चर को गिराना और मंजूर बजट से कंस्ट्रक्शन से पहले के खर्चों को कवर करना वगैरह शामिल हैं।

किस पर कितना होगा खर्च ?

  • बस डिपो बिल्डिंग - 8 करोड़ 54 लाख।
  • पानी की सप्लाई, सीवेज सिस्टम 42 लाख 70 हजार,
  • बिजली सिस्टम 93 लाख 94 हजार।
  • आग बुझाने का सिस्टम 12 लाख 20 हजार।
  • बारिश के पानी का भंडारण 3 लाख
  • मुख्य द्वार 8 लाख 80 हजार
  • काक्रीटिंग - 94 लाख 40 हजार।

5 दशक पुरानी है इमारत

विदित हो कि, बिल्डिंग 5 दशक से भी ज्यादा पुरानी है। भिवंडी में एसटी डिपो की हालत बहुत खराब हो गई थी। डियो से रोजाना हजारों कर्मचारी आते-जाते हैं। एसटी डिपो जिस बिल्डिंग का इस्तेमाल करता था, उसे कुछ साल पहले मनपा अधिकारियों ने खतरनाक घोषित कर दिया है।

फिर भी, महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल ने इस बारे में कुछ नहीं किया। भिवंडी एसटी डिपो का उ‌द्घाटन 20 मार्च 1972 को हुआ था। 50 साल से ज्यादा समय से इस डिपो से लाखों लोग सफर कर रहे है। पिछले 5 दशकों से इस बिल्डिंग पर ध्यान न देने की वजह से यह खराब हो गई, डिपी से मुंबई, ठाणे, कल्याण, वसई, शहापुर, वाड़ा जैसे कई शहरी और ग्रामीण इलाकों के लिए बसे निकलती है। फंड मंजूर होने से एसटी बस डिपो की बदहाल हालत सुधरने के आसार दिखाई पड़ने लगे है।

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