भिवंडी में बड़ा उलटफेर, कांग्रेस के समर्थन से बीजेपी का बागी बना मेयर, नारायण चौधरी को हाथ होगी मनपा की कमान

Bhiwandi Mayor Election Result: भिवंडी मनपा में बड़ा खेल हो गया है। बीजेपी के बागी नारायण चौधरी ने कांग्रेस के समर्थन से मेयर की कुर्सी हथिया ली, जिससे शिवसेना और बीजेपी खेमे में खलबली मच गई है।
Bhiandi Mayor Election Result Narayan Chaudhary Win
नारायण चौधरी बने भिवंडी के मेयर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Narayan Chaudhary Win Bhiwandi Mayor Election: महाराष्ट्र में हुए मनपा चुनाओं के बाद मेयर चुनाव में भी जोड़तोड़ की राजनीति देखने को मिल रही है। ठाणे जिले की मुस्लिम बहुल भिवंडी मनपा के महापौर चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। शुक्रवार को हुए मेयर चुनाव में कांग्रेस की मदद से बीजेपी के बागी उम्मीदवार नारायण चौधरी ने बाजी मार ली है। इस चुनाव में बीजेपी के 6 नगरसेवकों ने भी पार्टी लाइन से बाहर जाकर नारायण चौधरी को समर्थन किया।

90 सदस्यों वाली भिवंडी मनपा मेयर चुनाव में चौधरी को 48 मत प्राप्त हुए। जबकि विलास पाटिल को 25 वोट और BJP की स्नेहा पाटिल को मात्र 16 मत प्राप्त हुए। चुनाव में BJP के बागी उम्मीदवार नारायण चौधरी को कांग्रेस, शरद पवार ग्रुप और BJP के छह पार्षदों ने वोट दिया और चौधरी सबसे आगे रहे।

कई उम्मीदवार थे मैदान में

भिवंडी मनपा चुनाव में किसी भी दल या आघाड़ी को बहुमत नहीं था। हालांकि कांग्रेस,सपा और एनसीपी शरद पवार के पास ज्यादा संख्याबल था। मेयर पद के लिए कोणार्क विकास अघाड़ी के विलास आर. पाटिल, उनके बेटे एडवोकेट मयूरेश विलास पाटिल और पूर्व मेयर प्रतिभा पाटिल, भिवंडी विकास आघाड़ी के जावेद दलवी, कांग्रेस के तारिक मोमिन, BJP के नारायण चौधरी और स्नेहा मेहुल पाटिल, और शिवसेना के बलराम चौधरी और सुचिता रूपेश म्हात्रे ने अपने नॉमिनेशन पेपर दाखिल किए थे।

शुक्रवार को ठाणे जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल की देखरेख में हुए इस चुनाव के लिए सभी उम्मीदवारों के एप्लीकेशन को वैलिड बताते हुए एप्लीकेशन वापस लेने के लिए 15 मिनट का समय दिया। नारायण चौधरी ने दो एप्लीकेशन फाइल की थीं। उन्होंने उनमें से एक वापस ले लिया। उनके साथ तारिक मोमिन जावेद दलवी, सुचिता म्हात्रे, बलराम चौधरी, मयूरेश पाटिल और प्रतिभा पाटिल ने भी चुनाव से नाम वापस ले लिया।

मेयर के लिए हुआ त्रिकोणीय मुकाबला

मेयर पद के लिए कोणार्क आघाड़ी के विलास पाटिल, BJP की स्नेहा पाटिल और नारायण चौधरी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। शिवसेना शिंदे गुट के 2 उम्मीदवारों ने भी कोणार्क विकास आघाडी के विलास पाटिल के समर्थन में नामांकन वापस ले लिया था। उन्हें भी झटका लगा क्योंकि BJP में हुई फूट वोटिंग में निर्णायक साबित हुई और बागी नारायण चौधरी चुनाव जीत गए।

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