

Bhiwandi Drain Cleaning Scam News: शहर में जनप्रतिनिधि, स्वच्छता विभाग प्रमुख आपसी साठगांठ कर नाला, शहर स्वच्छता के नाम पर प्रति माह करोड़ों रुपए मनपा तिजोरी से लूट रहे हैं। शहरवासियों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को मनपा राजस्व नुकसान की नहीं, सिर्फ अपनी जेब भरने से मतलब है।
शहर स्वच्छता के नाम पर प्रति माह करीब 3 करोड़ ठेकेदारों को भुगतान किए जाने के बाद भी शहर में चारों ओर कचरा बजबजाता रहता है। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों की मिलीभगत से बारिश सिर पर होने के बाद भी नाला सफाई 35% हो सकी है।
जनहित संस्था ने जांच कराने की मांग की जनहित सामाजिक संस्था ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भिवंडी में कचरा सफाई, नाला, गटर सफाई कार्यों के नाम पर हो रही करोड़ों रुपए लूट की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
गौरतलब हो कि, भिवंडी मनपा में भ्रष्टाचार चरम पर है। मनपा आईएएस आयुक्त अनमोल सागर भी अब मनपा अधिकारियों, कर्मचारियों के भ्रष्टाचार को रोकने को लेकर गंभीर नहीं दिखाई पड़ते हैं।
भिवंडी मनपा में विकास कार्यों सहित शहर स्वच्छता, नाला सफाई आदि जनहित कार्यों को अंजाम देने वाले तमाम ठेकेदार अधिकारियों को कमीशन देकर 100 में से 30% कार्य कर मालामाल हो रहे हैं। प्रशासन से जुड़े तमाम अधिकारी छद्म भेष में ठेकेदार की भूमिका में हैं।
मनपा ने करीब 3 करोड़ रुपए में नाला, गटर सफाई का टेंडर टेकेदारों को दिया है। आश्चर्यजनक है कि ठेकेदारों को कमीशन देकर जनप्रतिनिधि, पार्षद, अधिकारी गटर की सफाई दिहाड़ी मजदूरों से करा रहे है। कभी कभार नालों में 2-5 दिहाड़ी मजदूर सफाई करते देखे जाते है। बाल मजदूर भी सफाई करते देखे जाते हैं।
विगत दिनों कोई सुरक्षा नहीं होने से लापरवाही के कारण एक मजदूर की मौत नाला सफाई के दौरान दम घुटने से हुई है। जागरूक लोगों का आरोप है कि, नाला, गटर स्वच्छता की जिम्मेदारी संभाल रहे फैसल तातली ने भ्रष्टाचार करने के लिए छोटे छोटे नालों को जोड़कर पहले ही 100 नाले बढ़ाकर करीब 1 करोड डकार लिये हैं।
बारिश में भिवंडी शहर के कई रहिवासी परिया में जलजमाव का भारी संकट नागरिकों को झेलना तय माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि, मनया महापौर नारायण चौधरी नाला सफाई को लेकर काफी कसरत कर रहे है लेकिन सब केवल दिखावा है। नाला, गटर सफाई से मनपा तिजोरी की सफाई में मनपा प्रशासन से जुड़े तमाम जिम्मेदार अधिकारी शामिल है।
भिवंडी से नवभारत लाइव के लिए गुरुप्रसाद सिंह की रिपोर्ट