भिवंडी मनपा का 1,179 करोड़ का बजट पेश, टैक्स में कोई बढ़ोतरी नहीं, बकाया वसूली पर रहेगा जोर

Bhiwandi Budget: भिवंडी-निजामपुर नगर निगम ने 2026-27 के लिए 1,179 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें किसी भी प्रकार की टैक्स वृद्धि नहीं की गई है और बकाया करों की वसूली पर विशेष जोर दिया गया है।
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Bhiwandi Municipal Corporation (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Bhiwandi Municipal Corporation: ठाणे जिले के बहुचर्चित भिवंडी-निजामपुर नगर निगम का वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट मंगलवार को विशेष सभा में कमिश्नर अनमोल सागर ने पेश किया। इस बजट में 1,179 करोड़ 10 लाख 97 हजार रुपये का किसी प्रकार की वृद्धि का प्रस्ताव नहीं रखा गया है। संपत्ति कर और अन्य करों की संपत्ति के पीछे रही मनपा ने इस बार अपने बजट में 73 लाख 96 हजार रुपये की बचत देखी है।

15 मिनट में बजट भाषण समाप्त हुआ

कमिश्नर अनमोल सागर का बजट भाषण 15 मिनट में समाप्त हो गया। उन्होंने बजट के प्रमुख मित्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष बजट के प्रमुख मित्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा। महापौर नारायण चौधरी ने बताया कि बजट पर विस्तृत चर्चा के लिए 30 मार्च को विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। सभा में उपमहापौर तारिक मोमिन, अतिरिक्त आयुक्त विट्ठल डेक और नयना सासाने मंच पर मौजूद थे। विशेष आमसभा होने के बावजूद कुछ ही दर्जेदार उपस्थित थे।

कार्य के समाधान पर जोर

वर्ष 2025-26 के लिए बजट बजट 1,117 करोड़ 52 लाख 54 हजार रुपये था, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए 1,179 करोड़ 10 लाख 97 हजार रुपये का बजट पेश किया गया था, जिसमें 73 लाख 96 हजार रुपये की बचत सामने आई है। महिला एवं बाल कल्याण, दुर्बल वर्ग और गैर-बराबरी वर्ग कल्याण के लिए 5 प्रतिशत की छूट दी गई है। इन जनजातियों के लिए राजस्व आय से निर्धारित संख्या के आधार पर मूल बजट 3 करोड़ 26 लाख 40 हजार रुपये का अनुमान लगाया गया है।

जल आपूर्ति में आय कम, खर्च ज्यादा

आयुक्त अनमोल ने बताया कि जल आपूर्ति एवं विभाग, शिक्षा विभाग और वृक्ष संरक्षण विभाग जैसे कि सागर में आय कम और खर्च अधिक है। इसी कारण वर्ष 2026-27 के लिए 1,179 करोड़ 10 लाख 97 हजार रुपये का बजट तैयार किया गया है। जल आपूर्ति के लिए 105 करोड़ 14 लाख 91 हजार रुपये और शिक्षा विभाग के लिए 76 करोड़ 11 लाख 26 हजार रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा विभिन्न बजटों के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है, जिनमें शामिल हैं-

  • ए. पी. जे. अब्दुल कलाम शिक्षा अभियान के लिए 1 करोड़ रुपये
  • 5 करोड़ रुपये के लिए पीएम ई-बस सेवा शुरू
  • शहर के सर्वेक्षण के लिए 10 करोड़ रु
  • 4 करोड़ रुपए की कीमत
  • 100 करोड़ रुपए जल मिशन के लिए 25 करोड़ रुपए
  • सड़क निर्माण के लिए 2 करोड़ रु

कमिश्नर सागर ने कहा कि शहर के समग्र विकास के लिए बजट में अलग-अलग माध्यमों से आवश्यक योजनाएं दी गई हैं। बजट पेश होने के बाद महापौर नारायण चौधरी ने कहा कि तीन वर्षों के लिए स्वायत्त शासन के बाद चुनाव में नए नगर सेवक चुने गए हैं। बजट का अध्ययन करने का समय सोमवार सुबह 11 बजे विशेष बैठक में लिया गया।

हालाँकि कुछ नगर सेवकों ने बजट को लेकर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए इसे "गोलमाल" बताया। उनका कहना है कि भिवंडी में पानी की समस्या, आदिवासियों की बदहाली, स्वच्छता की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था से लोग जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने महामहिम और नगरसेवकों को विकास कार्यों के लिए स्वायत्त निधि अनुदान नहीं दिया है और मनपा की आर्थिक स्थिति भी सुनिश्चित नहीं है।

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