बारहवी बांध का जलस्तर घटा, ठाणे और आसपास के शहरों में बढ़ा जल संकट का खतरा
Barvi Dam Water Level: ठाणे जिले के बारहवी बांध में पिछले वर्ष की तुलना में जल भंडारण कम दर्ज किया गया है। अल नीनो और बारिश में देरी के कारण कई शहरों में जल संकट की आशंका बढ़ गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बारवी बांध जल स्तर (सौ. सोशल मीडिया )
Barvi Dam Water Level Drop News: ठाणे जिले की जीवनरेखा माने जाने वाले बारहवी बांध का जलस्तर पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष थोड़ा कम हो गया है। एमआईडीसी के अधीनस्थ आने वाले इस बांध में 25 मई के आंकड़ों के अनुसार, बांध में जलस्तर वर्तमान में 60.79 मीटर है और प्रत्यक्ष जल भंडारण 109.51 एमसीएम (32.31 प्रतिशत) शेष है।
पिछले वर्ष इसी दिन बांध में जलस्तर 60.88 मीटर था और जल भंडारण 110.70 एमसीएम या 32.67 प्रतिशत था। इन आंकड़ों को देखते हुए, जल भंडारण में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष घोड़ी कमी आई है और बदलते मौसम के कारण आने वाले दिनों में जल संकट बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
कई शहरों को की जाती है जलापूर्ति
बारहवी डैम से कल्याण डोंबिवली, उल्हासनगर मनपा, अंबरनाथ, अंबरनाथ, बदलापुर, डोंबिवली, तलोजा, नवी मुंबई तथा ठाणे एमआईडीसी को जलापूर्ति की जाती है।
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मौसम में इस वर्ष आया बड़ा बदलाव
जलस्तर में कमी और गिरावट का कारण पिछले वर्ष की तुलना में मौसम में आया बड़ा बदलाव है। पिछले वर्ष यानी 2025 में, मानसून से पहले ही यानि बारिश 13 मई से ही शुरू हो गई थी। मई के मध्य में बारिश शुरू होने से बांध में पानी भरना शुरू हो गया था और जलस्तर बढ़ने में मदद मिली थी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले वर्ष 13 मई के बाद आसमान में बादल छाए रहे और बारिश शुरू हो गई, जिससे बांध से पानी का वाष्पीकरण पूरी तरह रुक गया था। इसके विपरीत इस वर्ष मई का महीना समाप्त होने वाला है, लेकिन बारिश के कोई आसार नहीं है। तेज धूप बांध के जलाशय पर सीधी पड़ रही है, जिससे पानी तेजी से बाधित हो रहा है और इसी कारण जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इसको देखते हुए सोमवार से 10 प्रतिशत पानी कटौती शुरू हो गई है।
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‘अल नीनो’ का दिखाई दे रहा असर
- यह स्थिति वैश्विक जलवायु परिवर्तन और ‘अल नीनों के प्रभाव के कारण भी है, जिसका असर इस वर्ष अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष अल नीनी के सक्रिय होने से मानसून के आगमन और उसकी तीव्रता पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है।
- पिछले वर्ष प्रकृति ने 13 मई को ही बारिश के रूप में राहत प्रदान की थी, लेकिन इस वर्ष मई का महीना समाप्त होने के बावजूद शुष्क और गर्म मौसम जारी है। बारिश के दिनों में कमी, सूर्य की तीव्रता में वृद्धि और अल नीनो के कारण मुख्य मानसून में देरी की आशंका को देखते हुए। इस शेष जलाशय से कुछ और दिनों तक पानी की आपूर्ति करनी होगी।
बदलापुर से नवभारत लाइव के लिए कमर काजी की रिपोर्ट
