

Badlapur Ganeshotsav: बदलापुर में इस बार गणेशोत्सव में पर्यावरणपूरक और अनोखी पहल देखने को मिल रही है। यहां पहली बार 6 फुट ऊंची कागज की गणेश मूर्ति बनाई गई है। जिसकी चर्चा पूरे शहर में है। यह मूर्ति कालमी पल्प, डिंक और आरारूट पाउडर से बनाई गई है । इसमें सिर्फ प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल किया गया है।
इस मूर्ति को बनाने में एक महीने का समय लगा है। मूर्ति बनाने के लिए 30 किलो पेपर, 60 किलो डिंक और 30 किलो आरारूट पाउडर का उपयोग किया गया है। मूर्ति की ऊंचाई 6 फुट और लंबाई 4 फुट बताई जा रही है। जबकि इसका वजन सिर्फ 25 किलो है। मंडल का कहना है कि बदलापुर में पहली बार इस तरह की कागदी मूर्ति बनाई गई है।
मंडल ने इस बार 'जय मल्हार' का डेकोरेशन किया है। मंडल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनका मकसद परंपरा, पर्यावरण और स्वाभिमान को बनाए रखने और अगली पीढ़ी तक हमारी संस्कृति को पहुंचाने के लिए यह सजावट की गई है। बाल गणेश सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के अध्यक्ष- स्वप्निल झरेकर ,सचिव- परिवर्तन कहलेकर , खजिनदार- कल्पेश महाडीक है। यह मंडल 2011 में स्थापन किया गया।इस मंडल द्वारा सामाजिक , सांस्कृतिक जैसे सराहनीय कार्य किये जाते है।
वर्ष 2011 से सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय इस मंडल ने इस प्रतिमा का निर्माण कालमी पल्प, 30 किलो पेपर, 60 किलो डिंक और 30 किलो आरारूट पाउडर के संयोजन से प्राकृतिक रंगों का उपयोग करते हुए एक महीने की अवधि में किया है। महज 25 किलो वजन की इस भव्य मूर्ति के साथ-साथ मंडल ने 'जय मल्हार' थीम पर आकर्षक सजावट भी की है, जिसका मुख्य उद्देश्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, स्वाभिमान और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।