मीरारोड को मिली नई धार्मिक पहचान, जरीमरी झील पर स्थापित हुई 51 फीट ऊंची भगवान विट्ठल की प्रतिमा

51 Feet Lord Vitthal Statue Inauguration: निर्जला एकादशी पर मीरारोड के जरीमरी झील परिसर में 51 फीट ऊंची भगवान विट्ठल प्रतिमा का अनावरण हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से दर्शन किए।
51 Feet Lord Vitthal Statue Inauguration At Miraroad On Nirjala Ekadashi
51 फीट ऊंची भगवान विट्ठल की प्रतिमा (फोटो नवभारत)
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Lord Vitthal Statue Inauguration At Miraroad: निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर काशीमीरा स्थित जरीमरी झील परिसर में 51 फीट ऊंची भगवान विट्ठल की भव्य प्रतिमा का अनावरण श्रद्धा और भक्ति के माहौल में किया गया। ताल-मृदंग, अभंग, हरिनाम संकीर्तन और "जय हरि विट्ठल" के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने समारोह की भव्यता में चार चांद लगा दिए।

यह प्रतिमा महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री एवं मीरा- भाईंदर के जनप्रतिनिधि प्रताप सरनाईक की परिकल्पना पर स्थापित की गई है। उनका उद्देश्य उन वारकरी श्रद्धालुओं को विट्ठल दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है, जो विभिन्न कारणों से पंढरपुर की यात्रा नहीं कर पाते। इसी भावना के साथ 'भाव तिथे देव' की परंपरा को साकार करते हुए मीरारोड में विट्ठल का यह भव्य स्वरूप स्थापित किया गया।

मंत्री प्रताप सरनाईक ने क्या कहा?

समारोह के दौरान वारकरी भजन मंडलों ने पारंपरिक अभंग, हरिनाम संकीर्तन और कीर्तन की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं, जिससे जरीमरी माता मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूब गया। ताल, मृदंग और झांझ की मधुर ध्वनि के बीच 'जय हरि विट्ठल' के जयघोष लगातार गूंजते रहे। भगवान विट्ठल की 51 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा के दर्शन करते ही अनेक श्रद्धालु भावुक हो उठे और श्रद्धा से नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में उपस्थित वारकरी समाज के सदस्यों ने इसे आस्था और भक्ति का ऐतिहासिक क्षण बताया।

समारोह में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के पिछले लगभग 18 वर्षों से वारकरी समाज के लिए किए गए योगदान का भी विशेष उल्लेख किया गया। अखंड हरिनाम सप्ताह, हरिपाठ, कीर्तन-प्रवचन, वारकरी शिक्षा संस्थानों को सहयोग, वारकरी भवनों के निर्माण, भजन सामग्री उपलब्ध कराने तथा सामुदायिक मंदिरों के विकास जैसे अनेक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों में उनके सतत सहयोग की सराहना की गई।

हजारों श्रद्धालुओं की रही मौजूदगी

समारोह में शिवसेना के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वारकरी समाज के प्रतिनिधि और हजारों श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि जरीमरी झील परिसर में स्थापित भगवान विट्ठल की 51 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा भविष्य में मीरा-भाईंदर की नई धार्मिक पहचान बनेगी। उनका मानना है कि यह स्थल वारकरी श्रद्धालुओं और अन्य भक्तों के लिए प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में विकसित होगा तथा धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।

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