सोलापुर अग्निकांड: फैक्ट्री में आग लगने से 8 लोगों की मौत, केंद्र और राज्य सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में रविवार को एक फैक्ट्री में भीषण आग लग जाने के कारण 3 महिलाओं समेत 8 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के मृतकों के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मुआवजे का ऐलान किया।
सोलापुर अग्निकांड: फैक्ट्री में आग लगने से 8 लोगों की मौत, केंद्र और राज्य सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
साेलापुर के फैक्ट्री में लगी आग को बुझाते दमकलकर्मी (सोर्स: पीटीआई)
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सोलापुर: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में रविवार को एक फैक्टरी में भीषण आग लग जाने के कारण 3 महिलाओं और एक बच्चे समेत 8 लोगों की मौत हो गई। आग बुझाने के दौरान 3 अग्निशमन कर्मी घायल हो गए। आग पर रात 8 बजे तक काबू पाया जा सका।

अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के लिए 100 पानी के टैंकर और दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया था। सोलापुर एमआईडीसी के अक्कलकोट रोड पर स्थित सेंट्रल टेक्सटाइल मिल्स में तड़के करीब 3:45 बजे आग लगने का कारण प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट लग रहा है। घटनास्थल मुंबई से तकरीबन 400 किलोमीटर की दूरी पर है।

पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

फैक्टरी में आग लगने की घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट करते हुए दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। वहीं घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र के सोलापुर में आग त्रासदी के कारण हुई मौतों से वह दुखी हैं।

सीएम फडणवीस ने भी की अनुग्रह राशि देने की घोषणा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

हादसे में इन लोगों की गई जान

मृतकों में फैक्टरी मालिक हाजी उस्मान हसनभाई मंसूरी (80) और उनके परिवार के 3 सदस्य - उनके पोते अनस हनीफ मसूरी (25), उनकी पत्नी शिफा अनस मंसूरी (20) और उनका डेढ़ साल का बेटा यूसुफ मंसूरी- शामिल हैं। मंसूरी परिवार के सदस्यों के शव फैक्टरी परिसर में स्थित एक इमारत के बेडरूम के अंदर मिले। दमकल कर्मियों को अंदर प्रवेश करने के लिए दीवार को तोड़ना पड़ा।

अधिकारियों ने बताया कि यूसुफ अपनी मां की गोद में मिला। अन्य 4 मृतक या तो मजदूर थे या उनके परिवार के सदस्य। अन्य मृतकों की पहचान मजदूर मेहताब सैय्यद बागवान (45), उनकी पत्नी आशा बानो (38), उनके बेटे सलमान (20) और बेटी हिना (26) के रूप में हुई।

एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने के समय सभी लोग गहरी नींद में थे। 8 पीड़ितों में से 3 की मौत गंभीर रूप से जलने से हुई, जबकि 5 अन्य की मौत धुएं के कारण दम घुटने से हुई।

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